कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज पंजाब में पार्टी के चुनावी अभियान का आगाज करने जा रहे हैं। इसके लिए संगरूर में कांग्रेस की ओर से इंसाफ रैली आयोजित की गई है। राहुल गांधी सुबह करीब 11 बजे दिल्ली से रवाना होकर चंडीगढ़ पहुंच चुके हैं। उनके साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद हैं।
रैली के दौरान राहुल गांधी पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को नशे की समस्या, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर घेर सकते हैं। इसके अलावा भाजपा भी उनके निशाने पर रहने की संभावना है। कांग्रेस इस रैली के जरिए पंजाब में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए माहौल तैयार करने की कोशिश कर रही है।
संगरूर मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला है और मालवा क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पंजाब की कुल 117 विधानसभा सीटों में से 69 सीटें मालवा क्षेत्र में आती हैं। यही वजह है कि कांग्रेस ने अपने चुनावी अभियान के लिए संगरूर को चुना है।
रैली के बाद राहुल गांधी नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर झोटा के परिवार से मुलाकात करने वाले थे। झोटा की कथित तौर पर नशा बिक्री का विरोध करने के चलते एक केमिस्ट द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, झोटा के पिता ने राहुल गांधी से मुलाकात करने से इनकार कर दिया है।
वहीं, पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से जारी गुटबाजी के बीच राहुल गांधी का यह दौरा पार्टी के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इसे आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने और संगठन को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
उधर, राहुल गांधी के संगरूर पहुंचने से पहले कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता रैली स्थल पर पहुंच गए। इनमें प्रताप सिंह बाजवा, डॉ. राज कुमार वेरका, भारत भूषण आशु, सुखजिंदर सिंह रंधावा, तृप्त राजिंदर बाजवा, सुंदर शाम अरोड़ा, अरुणा चौधरी और शमशेर सिंह दूलो शामिल हैं।
रैली को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। अब सभी की नजरें राहुल गांधी के संबोधन पर टिकी हैं कि वह पंजाब के राजनीतिक मुद्दों पर क्या रुख अपनाते हैं।


