भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। केरलम सरकार ने उनके खिलाफ करीब 20 साल पुराने रिश्वत मांगने के आरोपों की दोबारा जांच कराने का फैसला किया है। राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला के निर्देश पर विजिलेंस विभाग को मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
यह मामला केरल में सड़क निर्माण से जुड़े एक प्रोजेक्ट का है। आरोप उस समय के हैं, जब ज्ञानेश कुमार राज्य में लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव के पद पर तैनात थे। कोल्लम के ठेकेदार साजन ने आरोप लगाया है कि केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KSTP) का काम पूरा होने के बाद भुगतान जारी करने के बदले उनसे 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
साजन के मुताबिक, प्रोजेक्ट से जुड़े इंजीनियरों ने करीब 17 करोड़ रुपये के बिल मंजूर कर दिए थे, लेकिन भुगतान के चेक रोक दिए गए। इससे मलेशियाई कंपनी PATI-BEL, उसके ठेकेदारों और कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
ठेकेदार का दावा है कि कंपनी के प्रोजेक्ट इंजीनियर ली सी बीन ने उन्हें बताया था कि ज्ञानेश कुमार कथित तौर पर रिश्वत की मांग पूरी हुए बिना भुगतान के चेक जारी नहीं कर रहे थे। साजन ने पैसे देकर मामला सुलझाने की बात भी कही थी, लेकिन कंपनी के अधिकारियों ने रिश्वत देने से इनकार कर दिया।
आरोपों के अनुसार, भुगतान में देरी के कारण ठेकेदारों और कर्मचारियों का बकाया चुकाने के लिए ली सी बीन को बेंगलुरु में कंपनी के एक अन्य प्रोजेक्ट से धन की व्यवस्था करनी पड़ी। बाद में वर्ष 2006 में ली सी बीन ने आत्महत्या कर ली। दावा किया गया है कि उनके सुसाइड नोट में ज्ञानेश कुमार का नाम भी दर्ज था। ली के मलेशिया में रहने वाले परिवार ने भी कंपनी के कर्मचारियों को इस संबंध में जानकारी दी थी।
साजन का यह भी कहना है कि इससे पहले हुई विजिलेंस जांच में उनसे और मामले से जुड़े कई अन्य लोगों से पूछताछ नहीं की गई थी। अब वह ली सी बीन के परिवार, कंपनी के पूर्व कर्मचारियों और अन्य गवाहों को जांच के दौरान पेश करने की बात कह रहे हैं।
पुराने मामले की पृष्ठभूमि और पहले की जांच
गौरतलब है कि यह मामला पहले भी जांच के दायरे में आ चुका है। वर्ष 2006 में ली सी बीन की मौत के बाद विजिलेंस जांच शुरू की गई थी। हालांकि, बाद में जांच एजेंसी को आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले और 2012 में संबंधित मामलों को बंद करने की रिपोर्ट दी गई थी। अब ठेकेदार साजन की नई शिकायत के आधार पर मामले के पहलुओं की दोबारा पड़ताल की जा रही है।


