वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और इजराइल ईरान के ऊर्जा ढांचे पर बड़े सैन्य हमले की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस सप्ताह बिजली संयंत्रों और तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर शुक्रवार को कैंप डेविड में हुई अमेरिकी राष्ट्रपति की कैबिनेट बैठक में भी चर्चा हुई। बैठक के बाद राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और आरोप लगाया कि तेहरान बातचीत के बावजूद अपने वादों का पालन नहीं करता।
वहीं, ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका हमला करता है तो उसका जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा। अधिकारी के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई में अमेरिका और इजराइल के अहम सैन्य ठिकानों तथा रणनीतिक ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है।
इस बीच, भारत के विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar ने ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से फोन पर बातचीत कर समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
सरकार के अनुसार, इस वर्ष पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान अब तक 16 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें 10 नाविक शामिल हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी रक्षा विभाग United States Department of Defense ने युद्ध के दौरान इस्तेमाल हुई मिसाइलों के भंडार को फिर से भरने के लिए 18.2 अरब डॉलर की अतिरिक्त आपात फंडिंग की मांग की है।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, इराक में हालिया हमलों में मारे गए Islamic Revolutionary Guard Corps के पांच सदस्यों के शव भी ईरान लाए गए हैं।


