Friday, October 9, 2026
Friday, October 9, 2026

केंद्र की तमाम रुकावटों और भाजपा नेताओं की बिजली-राजनीति के बावजूद मान सरकार ने पंजाब को बिजली संकट से निकाला बाहर: कुलदीप धालीवाल

Date:

  • पूरे पंजाब में अब लगातार बिजली सप्लाई जारी, सभी 10 थर्मल यूनिट चालू, पछवाड़ा कोयला खदान से कोयले की कोई कमी नहीं है: कुलदीप धालीवाल
  • सेंट्रल पूल से पंजाब का हिस्सा 1051 मेगावाट रोककर केंद्र सरकार ने पंजाब के किसानों और इंडस्ट्री को बर्बाद करने की रची साजिश: कुलदीप धालीवाल
  • धालीवाल ने पंजाब की भाजपा लीडरशिप पर बोला हमला, कहा- चुपचाप बैठने के बजाय मोदी सरकार से पंजाब को वह बिजली और फंड दिलवाएं जिसका वह हकदार है: कुलदीप धालीवाल

चंडीगढ़, 13 सितंबर – आम आदमी पार्टी आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि पिछले 4-5 दिनों में पंजाब को जो बिजली संकट झेलना पड़ा, वह केंद्र सरकार के नाकारात्मक रवैये और राज्य का हक मारने की पॉलिसी का नतीजा था। हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान और पावरकॉम अधिकारियों की दिन-रात की मेहनत की वजह से पंजाब अब इस संकट से पूरी तरह बाहर आ गया है।

रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में धालीवाल ने कहा कि तलवंडी साबो और नाभा के प्राइवेट थर्मल प्लांट की यूनिट्स में टेक्निकल खराबी की वजह से यह समस्या पैदा हुई थी, जिसे अब पूरी तरह से ठीक कर दिया गया है। रविवार सुबह 6 बजे से पूरे पंजाब में खेती, इंडस्ट्री और घरेलू कंज्यूमर्स को बिना किसी कटौती के लगातार बिजली दी जा रही है। पंजाब का अपना इंटरनल प्रोडक्शन 5300-5400 मेगावाट तक पहुंच गया है और राज्य की सभी 10 थर्मल यूनिट्स ठीक से काम कर रही हैं। कुल 15,700 मेगावाट की मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया जा रहा है।

केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए आप नेता ने कहा कि जब कोई राज्य टेक्निकल संकट का सामना करता है, तो केंद्र का यह कर्तव्य है कि वह उसका हाथ थामे रहे। ऐसे मुश्किल समय में केंद्र सरकार ने पंजाब को छोड़ दिया। सेंट्रल पूल से पंजाब को मिलने वाली 1051 मेगावाट बिजली रोक दी गई। पंजाब के बिजली मंत्री और अधिकारियों के बार-बार केंद्र से संपर्क करने और चिट्ठी लिखने के बावजूद केंद्र ने कोई मदद नहीं की।

पंजाब के भाजपा नेताओं पर कड़ा निशाना साधते हुए कुलदीप धालीवाल ने कहा कि ये नेता सिर्फ़ राजनीतिक रोटियां सेंकने और ‘लाशों पर राजनीति‘ करने तक ही सीमित हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की भाजपा लीडरशिप किस मुंह से लोगों से वोट मांगने जाएगी? पंजाब की ज़मीन का अन्न खाने वाले, उसका पानी पीने वाले नेता केंद्र के सामने चुप बैठे हैं। अगर उनमें ज़रा भी जोश है तो वे मोदी सरकार से आवाज़ उठाएं और पंजाब को बिजली का उनका बनता हिस्सा दिलाने के साथ-साथ आरडीएफ और लिंक रोड का रुका हुआ पैसा भी दिलाएं।

पंजाब के लोगों, किसान भाइयों और उद्योगपतियों को भरोसा दिलाते हुए धालीवाल ने कहा कि घबराने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है। राज्य को अपनी ‘पछवाड़ा कोल माइन‘ से कोयले की लगातार सप्लाई हो रही है। रोपड़ प्लांट में 30 दिन का कोयला, लहरा मोहब्बत में 11 दिन का कोयला, गोइंदवाल साहिब में 16 दिन का कोयला, नाभा में 8 दिन का कोयला और तलवंडी साबो में 4 दिन का कोयला बचा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार हर परिस्थिति में अपने किसानों और इंडस्ट्री के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और आने वाले दिनों में बिजली की कोई कमी नहीं होने देगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

विजीलेंस ब्यूरो ने पटवारी और निजी एजेंट को 5,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों किया काबू

चंडीगढ़, 8 अक्टूबर 2026: राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ...