- नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को यूथ कांग्रेस मेंबर्स के खिलाफ एक्शन पर राहुल ने PM मोदी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि PM मोदी की सरकार और नॉर्थ कोरिया के तानाशाही शासन एक जैसा है। ये इंडिया है, नॉर्थ कोरिया नहीं।
राहुल ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट डेमोक्रेसी की आत्मा है। यह कोई अपराध नहीं है। उन्होंने पूछा…
जब आदिवासी अपने जल, जंगल, जमीन के हक के लिए खड़े हुए, तो उन पर भी शक की नजर डाली गई। यह कैसा लोकतंत्र है, जहां PM सवालों से डरते है? जहां असहमति को कुचलना शासन का स्वभाव बनता जा रहा है?
दरअसल, दिल्ली में आयोजित AI समिट के दौरान यूथ कांग्रेस मेंबर्स ने शर्ट उतार कर प्रोटेस्ट किया था। इस संबंध में दिल्ली पुलिस 3 सदस्यों को गिरफ्तार करने शिमला पहुंची थी। इसके बाद हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस को उन्हें ले जाने से रोक लिया था। राहुल ने ये बातें गिरफ्तार तीन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली वापस लाने की इजाजत मिलने के बाद कही।
राहुल ने सोशल मीडिया पोस्ट में क्या कहा…
- सोचिए मुद्दा कोई भी हो, अगर आप सत्ता के खिलाफ संवैधानिक तरीके से आवाज उठाते हैं, तो लाठी, मुकदमा और जेल, यह लगभग तय है। पेपर लीक से त्रस्त युवाओं ने अपने भविष्य के लिए आवाज उठाई, जवाब मिला लाठियों से।
- देश की गौरवशाली महिला पहलवानों ने BJP के प्रभावशाली नेता पर लगे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनकी पुकार को बदनाम किया गया, आंदोलन को कुचला गया, और उन्हें सड़कों से जबरन हटाया गया।
- एक बलात्कार पीड़ित के समर्थन में इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ। न्याय की मांग को व्यवस्था के लिए असुविधा मानकर हटा दिया गया। युवा कांग्रेस ने देश का अहित करने वाले US ट्रेड डील का शांतिपूर्ण विरोध किया तो उन्हें देशविरोधी बताकर गिरफ्तार कर लिया।
- जब आम लोग जहरीली हवा के खिलाफ खड़े हुए, तो पर्यावरण की चिंता को भी राजनीति कहकर दबा दिया गया। जब किसानों ने अपने अधिकारों के लिए आंदोलन किया, तो उन्हें देशविरोधी करार दिया गया। आंसू गैस, रबर की गोलियां, पानी की बौछारें और लाठियां, यही संवाद का माध्यम बना।


