Sunday, October 4, 2026
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किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदेगी पंजाब सरकार : लाल चंद कटारूचक्क

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 खाद्य मंत्री ने तरनतारन दाना मंडी में धान की खरीद व्यवस्थाओं का लिया जायजा
– कहा, राज्य में धान की खरीद सुचारू और निर्बाध तरीके से जारी
– किसानों को 24 घंटे के भीतर सीधे बैंक खातों में किया जा रहा भुगतान
– धान की खरीद के लिए पंजाब को 42,786 करोड़ रुपये की सी.सी.एल. मिली
– केंद्रीय पूल के लिए 180 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य
– किसानों से केवल सूखा धान ही मंडियों में लाने की अपील

चंडीगढ़/तरनतारन, 3 अक्टूबर: पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने आज तरनतारन दाना मंडी में धान की खरीद व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार किसानों की मेहनत से पैदा की गई फसल का एक-एक दाना खरीदेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है और किसानों को मंडियों में अपनी फसल बेचते समय किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

इस अवसर पर उन्होंने गांव करमूवाला के किसान सुलखण सिंह और गांव सखीरा के किसान शमशेर सिंह की फसल की खरीद भी करवाई। उन्होंने मंडी में खरीद, लिफ्टिंग, भुगतान, बारदाने सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने किसानों, आढ़तियों और मजदूरों से भी बातचीत की।

इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस वर्ष मंडियों में धान की भरपूर फसल पहुंच रही है और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर है। उन्होंने बताया कि खरीद सीजन के दौरान केंद्रीय पूल के लिए 180 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य सरकार द्वारा मंडियों में सभी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि किसानों को उनकी फसल का भुगतान पारदर्शी तरीके से सीधे बैंक खातों में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 42,786 करोड़ रुपये की नकद ऋण सीमा (सी.सी.एल.) की मंजूरी मिल चुकी है, जिससे धान की खरीद के लिए आवश्यक वित्तीय प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे फसल के पूरी तरह पकने और सूखने के बाद ही कटाई करें तथा मंडियों में निर्धारित मानकों के अनुसार सूखा धान ही लेकर आएं। इससे उन्हें अपनी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी.) 2,461 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा और उन्हें मंडियों में अनावश्यक इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि खरीद सीजन को सुचारू, पारदर्शी और निर्बाध तरीके से चलाने के लिए राज्य की सभी मंडियों में व्यापक प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में पहुंच रही फसल की खरीद, लिफ्टिंग और भुगतान में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाए।

पत्रकारों द्वारा पराली जलाने के मुद्दे पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब की पवित्र धरती और पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी की साझा नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा पराली के उचित प्रबंधन के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली न जलाएं और पर्यावरण की रक्षा में सरकार का सहयोग करें।

उन्होंने कहा कि खरीद सीजन को सफल बनाने के लिए किसानों, आढ़तियों, मिलरों, मजदूरों, खरीद एजेंसियों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है।

इस अवसर पर उप निदेशक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग रजनीश कुमारी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक हरवीन कौर, जिला मंडी अधिकारी हरजोत सिंह, डी.एस.पी. जसपाल सिंह, ट्रेडर्स कमीशन के जिला चेयरमैन हरमनदीप सिंह मैणी, ट्रेडर्स कमीशन के हलका प्रभारी एवं प्रधान आढ़ती एसोसिएशन दिलबाग सिंह बाठ, महासचिव पवेल सिंह पन्नू, संरक्षक सरजीत सिंह चोहला, गुरिंदर सिंह लाली चाचा, सुरिंदर सिंह भुच्चर, बहाल सिंह गिल और परमजीत जोशी के अलावा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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