चंडीगढ़–पंजाब विधानसभा में आज केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना का नाम बदलने को लेकर विधानसभा का स्पेशल सेशन बुलाया है। सेशन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी। इससे पहले आम आदमी पार्टी के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने मजूदरों के पत्र सिर पर उठाकर विधानसभा पहुंचे हैं। वहीं, आज मजदूर भी विधानसभा का स्पेशल सेशन में देखने पहुंच रहे है।
सत्र के अंत में मनरेगा को लेकर प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से यह मांग की जाएगी कि मनरेगा को 60% केंद्र व 40% स्टेट सरकार के फंड के बजाय 100% केंद्र की वित्तीय मदद वाली योजना ही रखा जाए। इसके अलावा 100 दिन के रोजगार के अधिकार को भी बरकरार रखा जाए।
सदन में हिस्सा लेने पहुंचे विपक्षी दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा सेशन में कुछ नहीं होगा। सेशन ड्रामा है। पंजाब का पैसा बर्बाद होगा। BJP की सोच तो महात्मा गांधी के खिलाफ है लेकिन मैं सीएम से पूछना चाहता हूं कि जब आपकी सरकार आई तो सबसे पहले महात्मा गांधी की फोटो उतारी। आज पंजाब के किसी दफ्तर में महात्मा गांधी की फोटो नहीं है। पंजाब में मनरेगा मजदूरों को 100 दिन रोजगार की बात करते है। इनकी सरकार में एवरेज 27 दिन रोजगार मिला है।
सत्र की शुरुआत में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों की अतुलनीय शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद पंजाब के पूर्व गवर्नर शिवराज चौहान, पूर्व मंत्री जगतार सिंह मुल्तानी, पूर्व राज्य मंत्री तारा सिंह लाडल और पूर्व विधायक तरलोचन सिंह को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इन सभी का कुछ समय पहले निधन हो चुका है। सदन में 9 रिपोर्टें पेश होगी।


