चंडीगढ़–पंजाब यूनिवर्सिटी गेट नंबर-1 पर 10 नवंबर को हुए हंगामे में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। ‘पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में छात्रों और बाहरी लोगों ने यूनिवर्सिटी में जबरन घुसने की कोशिश की और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई की। वहीं पंजाब यूनिवर्सिटी में 18,19 और 20 नवंबर को होने वाली परीक्षाएं रद्द कर दी गई है।
घटना के बाद पुलिस ने इस भीड़ को गैर-कानूनी जमावड़ा घोषित कर दिया। इसमें पंजाब के अलग-अलग जिलों से आए छात्र, पंजाब यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी और कई संगठनों के लोग शामिल थे। जिन पर बीएनएस 2023 की धाराओं 221, 223, 191(2), 190, 115(2), 121(1) और 132 में केस दर्ज किया गया है।
एसआई के बयानों पर कार्रवाई
सेक्टर-31 थाने में तैनात एसआई प्रतिभा ने अपने बयान में बताया कि यूनिवर्सिटी में तैनात पुलिस बल ने प्रदर्शन को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन प्रदर्शन कर रहे छात्रों और बाहरी लोगों ने जबरन अंदर घुसने की कोशिश की और पुलिस से हाथापाई तक कर दी। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन में पंजाब के विभिन्न जिलों के छात्र, पंजाब यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी और अन्य संगठनों के लोग शामिल थे।
रिपोर्ट में बताया गया कि पुलिस बार-बार भीड़ को समझाती रही कि यूनिवर्सिटी परिसर में कानून व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बात नहीं मानी। मीडिया टीम और फोटोग्राफर भी मौके पर मौजूद थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने गेट नंबर-1 का लॉक तोड़ दिया और बैरिकेड्स हटाकर अंदर घुसने की कोशिश की।
इस दौरान पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई हुई, जिसमें एसपी सोंधी, इंस्पेक्टर रोहित कुमार (एसएचओ सेक्टर-17), एस आरसीटी विपिन शर्मा व अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए।


