नाइजीरिया से पढ़ने आई एक लड़की का मानसिक संतुलन खराब हो गया, वो जालंधर में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के बाहर सड़क पर घूमती, सोती और पागलों जैसी हरकतें करती। कभी पूरे कपड़े नहीं पहनती तो कई दिन तक बिना खाना खाए रहती। मुनखता दी सेवा सब तों बड्डी सेवा सोसाइटी के गुरप्रीत सिंह मिंटू को सूचना मिली तो उन्होंने उस लड़की को रेस्क्यू किया।
गुरप्रीत सिंह उसे रेस्क्यू करके लुधियाना में सपनों के घर में लेकर आए। साढ़े पांच महीने तक उसका उपचार किया और उसे बिल्कुल ठीक किया। जब वो ठीक होने लगी तो गुरप्रीत सिंह ने उसे वापस नाइजीरिया भेजने की प्रक्रिया शुरू की। समस्या यह थी कि उसके पास कोई भी दस्तावेज नहीं थे। फिर उन्होंने नाइजीरियन अंबेसी से संपर्क साधा और उसे वापस उसके घर भेज दिया।
- गुरप्रीत सिंह मिंटू को सूचना मिली कि लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के बाहर एक नाइजीरियन गर्ल पागल हालात में घूमती हे। उसे न तो खुद के बारे में पता है और न ही उसके पास कोई दस्तावेज हैं। वह करीब चार-पांच महीने से वहां पर बदहाल स्थिति में रह रही थी।
गुरप्रीत सिंह मिंटू बताते हैं कि जब उसे लेकर आए तो उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। सपनों के घर में लाकर उसे नहलाया उसे साफ सुथरे कपड़े पहनाए और फिर उससे बातचीत की। वो पंजाबी और हिंदी नहीं समझती थी तो उसके साथ अंग्रेजी में कम्युनिकेट किया। उसे अपना नाम तक याद नहीं था। धीरे धीरे उसे याद आया और उसने अपना नाम शैरॉन बताया।


