चंडीगढ़ में 15 साल पहले एमबीए छात्रा की रेप के बाद हुए मर्डर केस में आज गुरुवार (27 नवंबर) को जिला अदालत अपना फैसला सुनाने जा रही है। लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे पीड़ित परिवार के लिए यह दिन बेहद अहम माना जा रहा है।
अहम इसलिए भी कि 2010 में हुए छात्रा के कत्ल के 12 साल तक तो आरोपी का पता ही नहीं चल सका था। पुलिस ने भी अनट्रेस केस की रिपोर्ट दाखिल कर दी थी और परिवार ने भी न्याय की आस छोड़ दी थी। मगर, साल 2022 में चंडीगढ़ में ही हुई एक महिला की हत्या की जांच में पुलिस के हाथ छात्रा के मामले का पहला सुराग लगा।
पुलिस की ओर से कराए गए 100 से ज्यादा डीएनए टेस्ट और 800 लोगों से हुई पूछताछ में आरोपी मोनू कुमार निवासी डड्डूमाजरा शाहपुर कॉलोनी, चंडीगढ़ का नाम सामने आया। मगर, दिक्कत ये थी कि वह चंडीगढ़ छोड़कर बिहार जा चुका है और ना तो वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था, ना उसके पास आधार कार्ड था और ना ही उसका कोई बैंक अकाउंट।
ऐसे में पुलिस लाख कोशिश करने के बावजूद उसे ट्रेस नहीं कर पा रही थी। मगर, साल 2024 में वह चंडीगढ़ लौटा तो मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने दोनों महिलाओं की हत्या की बात कबूली। यह भी बताया कि 2008 में हिमाचल प्रदेश के चंबा में एक छोटी सी बच्ची के साथ रेप करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी।
फिलहाल, अब पीड़ित परिवारों को अदालत से इंसाफ की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित पक्ष और सरकारी वकील मोनू कुमार के लिए फांसी की सजा की मांग कर सकते हैं, क्योंकि उसके खिलाफ दुष्कर्म के बाद हत्या, लूट सहित अन्य संगीन अपराध के 8 मामले दर्ज हैं।


