हरियाणा के नूंह जिले से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए एडवोकेट रिजवान के परिवार का हिस्सा पाकिस्तान में है। उसके परदादा के 2 भाई बंटवारे के वक्त पाकिस्तान चले गए थे। जबकि परदादा भारत में ही रह गए।
जांच एजेंसियों का दावा है कि रिजवान का पाकिस्तान में लगातार संपर्क रहा। हालांकि परिवार का कहना है कि उन्हें तो अब परदादा सूडू नंबरदार के भाइयों के नाम तक याद नहीं। परिवार से कभी कोई पाकिस्तान नहीं गया। रिजवान का 8 महीने पहले ही निकाह हुआ था।
सोमवार शाम को ससुराल से लौटते वक्त ही जांच एजेंसियों ने उसे हिरासत में लिया। परिवार उसे ढूंढता रहा। बुधवार सुबह जांच एजेंसियां उसे घर लेकर आई, तब परिवार को पता चला।
रिजवान के जिस एडवोकेट दोस्त मुशर्रफ उर्फ परवेज को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, उसका बड़ा भाई आर्मी में है। रिजवान की मुशर्रफ से करीब 2 साल से दोस्ती है। रिजवान के खिलाफ तावड़ू सदर थाने में देश विरोधी गतिविधियों के तहत मुकदमा दर्ज हो चुका है। जबकि मुशर्रफ से अभी पूछताछ हो रही है।
रिजवान के चाचा जाकिर हुसैन ने दैनिक भास्कर एप को बताया कि 24 नवंबर की शाम करीब 6 बजे रिजवान अपनी ससुराल गांव पीपाका से निकला था। काफी देर तक वह घर नहीं लौटा तो परिवार के लोगों ने उसको फोन किया। लेकिन फोन बंद जा रहा था।
रात को ही वह रिजवान के गुमशुदा होने की रिपोर्ट लिखवाने तावडू सदर थाना पहुंचे। लेकिन पुलिस ने 24 घंटे बाद कार्रवाई करने की बात कही।
रिजवान को ढूंढते रह गए परिवार के लोग चाचा जाकिर हुसैन ने बताया कि उस रात को करीब 11 बजे जब वह रिजवान को ढूंढने लगे तो गांव पीपाका के कुछ लोगों ने उन्हें बताया कि रिजवान को पुलिस लेकर गई है। पीपाका से कुछ दूरी पर पुलिस की 3 गाड़ियां आईं।
परिवार पुलिस के पास पहुंचा। लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी कोई सूचना नहीं मिली कि उसे क्यों और कहां लेकर गए हैं। परिवार ने समझा कि दिल्ली ब्लास्ट मामले को लेकर जो कार्रवाई चल रही है। उसी मामले को लेकर पुलिस जांच कर रही होगी।


