पूर्व भारतीय क्रिकेटर Yograj Singh को महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में बड़ी राहत मिली है। चंडीगढ़ जिला अदालत द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया था, जहां शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत दे दी।
यह मामला वेब सीरीज Lukkhe के एक वायरल वीडियो क्लिप से जुड़ा है। आरोप है कि सीरीज में योगराज सिंह द्वारा निभाए गए किरदार ने महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक और अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया।
एफआईआर के मुताबिक 8 मई 2026 को रिलीज हुई वेब सीरीज की क्लिप वायरल होने के बाद एडवोकेट उज्जवल भसीन ने शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में कहा गया कि वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है और इससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
चंडीगढ़ कोर्ट ने भी अपने आदेश में टिप्पणी की थी कि वीडियो में इस्तेमाल किए गए शब्द इतने आपत्तिजनक हैं कि परिवार के साथ बैठकर उन्हें सुनना मुश्किल है।
वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अदालत में दलील दी गई कि योगराज सिंह ने केवल एक अभिनेता के तौर पर अपना किरदार निभाया है। वेब सीरीज की स्क्रिप्ट पहले से लिखी गई थी और उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने या महिलाओं का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था।
बचाव पक्ष ने संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का भी हवाला दिया। साथ ही अदालत को बताया गया कि मामले में किसी तरह की बरामदगी बाकी नहीं है और योगराज सिंह जांच में पूरा सहयोग देने को तैयार हैं।


