चंडीगढ़–चंडीगढ़ नगर निगम में स्मार्ट सिटी फंड से जुड़े लगभग 116.84 करोड़ रुपए के घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने विक्रम वाधवा को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि उसकी तलाश हरियाणा पुलिस भी कर रही थी। वहां भी उसके खिलाफ 590 करोड़ के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले में नाम है।
हरियाणा पुलिस भी आरोपी वाधवा की तलाश कर रही थी, लेकिन उससे पहले चंडीगढ़ पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अब आरोपी से पूछताछ में खुलासा होगा कि चंडीगढ़ के कौन-कौन से अफसर आरोपी के साथ मिलीभगत में थे, जिनके कारण वह इतनी बड़ी करोड़ों की ठगी को अंजाम दे सका।
पुलिस की जांच में सामने आए दस्तावेजों के अनुसार निगम का सरकारी पैसा केवल फर्जी एफडी के जरिए ही नहीं हड़पा गया, बल्कि उसे ओपन मार्केट में बिल्डरों, होटलियर्स और ज्वैलर्स को मोटे ब्याज पर इस्तेमाल करने के लिए भी दिया गया।
मामले में चंडीगढ़ आर्थिक अपराध शाखा द्वारा नगर निगम में आउटसोर्स पर रखे गए अकाउंटेंट अनुभव मिश्रा और आईडीएफसी सेक्टर-32 के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।


