पंजाब में जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों को लेकर शिरोमणि अकाली दल एग्रेसिव मोड पर काम कर रहा है। शिअद ने चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने इन चुनावों 2027 विधानसभा चुनावों की दिशा तय करने वाला अहम राजनीतिक पड़ाव माना है। उन्होंने पार्टी नेताओं को एग्रेसिव अप्रोच के साथ काम करने को कह दिया है।
लेकिन चुनावी तैयारियों के बीच बागी अकाली दल और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के अकाली दल वारिस पंजाब दे ने सुखबीर बादल की चिंता बढ़ा दी है। दोनों गुट सीधे तौर पर शिअद के वोट बैंक में सेंधमारी करेंगे।
सुखबीर बादल ने सभी हलका इंचार्जों को रोजाना कम से कम 10 से 15 राजनीतिक मीटिंग्स करने का टारगेट दिया है। इन बैठकों में बूथ कमेटियों, पंच-सरपंच, असरदार परिवारों और कोर टीम को शामिल करने के निर्देश हैं। उन्होंने जोर देकर कहा है कि किसी भी स्तर पर अगर कार्यकर्ताओं को प्रशासनिक दबाव या राजनीतिक दखल का सामना करना पड़े तो हलका इंचार्ज तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाले।
सुखबीर ने स्पष्ट कहा कि शिअद कार्यकर्ताओं व उम्मीदवारों को कोई धमकाया या डराया तो पूरी पार्टी उसके साथ खड़ी होगी।
तरनतारन उपचुनाव में शिरोमणि अकाली दल के शानदार प्रदर्शन ने पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया है। पार्टी को उम्मीद है कि विधानसभा चुनाव से पहले जिला परिषद व ब्लॉक समिति चुनाव में भी अच्छा प्रदर्शन कर दिया तो 2027 की राह आसान हो जाएगी। \


