प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि देश में नक्सलवाद का खतरा अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। जंगलों में हथियार उठाने वाले नक्सलियों का सफाया हो चुका है, लेकिन अब देश के सामने ‘दिमागी नक्सलवाद’ की चुनौती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों ने कई राजनीतिक संगठनों में घुसपैठ कर ली है और वे आम लोगों को संविधान तथा लोकतंत्र के खिलाफ भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे तत्वों की पहचान करना जरूरी है।
पीएम मोदी ने यह बात छत्तीसगढ़ के बस्तर स्थित कोबरा ऑपरेशंस बेस में CRPF जवानों को संबोधित करते हुए कही। प्रधानमंत्री यहां जवानों के साथ दिवाली मनाने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने करीब 42 मिनट तक भाषण दिया।
लगातार 13वीं बार जवानों के साथ मनाई दिवाली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार देश के जवानों के साथ दिवाली मनाई। इससे पहले वह 12 बार अलग-अलग सीमावर्ती क्षेत्रों में जाकर सैनिकों के बीच त्योहार मना चुके हैं। इनमें सबसे अधिक तीन बार उन्होंने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया, जबकि हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में दो-दो बार दिवाली मनाई।
पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2026 की दिवाली देश के लिए बेहद खास है। करीब 40-50 वर्षों में पहली बार देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त हुआ है। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों ने अब नक्सलवाद के डर से मुक्ति पाई है।
पीएम मोदी के संबोधन की 5 बड़ी बातें
1. हथियारबंद नक्सलवाद के बाद अब वैचारिक चुनौती
प्रधानमंत्री ने कहा कि जंगलों में हथियारबंद नक्सलियों का सफाया हो चुका है, लेकिन अब वैचारिक स्तर पर देश को चुनौती देने वाले तत्वों से सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों ने राजनीतिक संगठनों में भी जगह बना ली है और संविधान तथा लोकतंत्र के खिलाफ लोगों को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं।
2. एक साल में CRPF का कोई जवान शहीद नहीं हुआ
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक साल के दौरान ड्यूटी पर CRPF के किसी जवान की शहादत नहीं हुई। उन्होंने इसे सुरक्षा बलों के शौर्य, साहस और सरकार की प्रभावी नीतियों की बड़ी उपलब्धि बताया।
3. पिछली सरकारों पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री ने पिछली सरकारों पर नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2004 से 2013 के बीच हर साल नक्सलियों के मुकाबले सुरक्षा बलों के अधिक जवान शहीद हुए। उनके मुताबिक, पिछली सरकारों ने नक्सलवाद को ऐसी बीमारी मान लिया था, जिसका कोई इलाज नहीं है।
4. मजबूत आंतरिक सुरक्षा से ही सुरक्षित रहेगा देश
पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होना बेहद जरूरी है। जब देश की अंदरूनी सुरक्षा मजबूत होती है, तो बाहरी दुश्मन अपने मंसूबों में सफल नहीं हो पाते। वहीं, आंतरिक सुरक्षा कमजोर होने पर बाहरी दुश्मनों को भी सिर उठाने का मौका मिल जाता है।
5. 12 साल में 50 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए
प्रधानमंत्री ने वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में भारत के करीब 50 करोड़ लोग भीषण गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और विकास से जुड़ी नीतियों का परिणाम बताया।


