इतने सालों तक विरोधियों ने पंजाब को लूटकर अपनी तिजोरियां भरीं, उस समय दर्द नहीं हुआ-भगवंत सिंह मान
कोई मोदी के कोटे से है और कोई राहुल गांधी के कोटे से, अकेला मैं लोगों के कोटे से हूं-भगवंत सिंह मान
2022 में लोगों ने एक मास्टर के बेटे को मौका दिया, 2027 में फिर मौका देंगे-भगवंत सिंह मान
तीन कृषि कानूनों को पास करवाने की शर्त पर अकाली दल, भाजपा के साथ गठजोड़ करने जा रहा है-भगवंत सिंह मान
750 किसानों की हत्या करने वाली भाजपा को पंजाब के लोग कभी माफ नहीं करेंगे-भगवंत सिंह मान
पंजाब के हितों को बेचने में अकाली दल हमेशा आगे रहा है-भगवंत सिंह मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बठिंडा के गांव घुद्दा में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम को संबोधित किया
बठिंडा; 6 सितंबर 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज विपक्षी दल पर तीखे निशाने साधते हुए कहा कि विपक्षी नेतृत्व उन्हें झूठा बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं और सालों भर अपने खजाने भरने के बाद अब एक बार फिर पंजाब को लूटने का मौका ढूंढ रहे हैं।
बठिंडा के गांव घुद्दा में लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि विपक्षी दल इसलिए परेशान है क्योंकि उनकी सरकार लोगों की भलाई के लिए लोगों का पैसा खर्च कर रही है।
भाजपा और अकाली दल पर बरसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये दोनों पार्टियां एक बार फिर गठजोड़ की ओर बढ़ रही हैं, जिसमें अकाली दल तीन कृषि कानूनों को पास करवाने की शर्त पर भाजपा के साथ हाथ मिलाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि जहां कुछ नेता “मोदी कोटे” के हैं और दूसरे “राहुल गांधी कोटे” के हैं, वहीं वे अकेले “लोगों के कोटे” से संबंधित हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पंजाब के लोगों ने 2022 में एक अध्यापक के बेटे को मौका दिया था और 2027 में एक और मौका देंगे। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब 750 किसानों की शहादत के लिए भाजपा को कभी माफ नहीं करेगा और अकाली दल हमेशा पंजाब के हितों से समझौता करने में आगे रहा है।
लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि विपक्षी पार्टियों का पंजाब और लोगों के खिलाफ काम करने का रिकॉर्ड बहुत खराब रहा है और इनके गुनाहों को कभी माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “भाजपा ने सदा पंजाब विरोधी मानसिकता अपनाई है और इसके हकों और हितों से संबंधित मुद्दों पर प्रांत के साथ बेइंसाफी की है। चाहे पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बी.बी.एम.बी.), सतलुज यमुना लिंक (एस.वाई.एल.) नहर, हरिके नहर, गणतंत्र दिवस की झांकियां, ग्रामीण विकास कोष (आर.डी.एफ.) या सीमावर्ती क्षेत्र के फंडों का मुद्दा हो, भाजपा ने हमेशा पंजाब के साथ अन्याय किया है।”
मुख्यमंत्री ने जिक्र किया, “भाजपा के हाथ पंजाब के 700 से अधिक उन किसानों के खून से रंगे हुए हैं, जिन्होंने काले कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए शहादत पाई थी। पंजाब के लोग इसे कभी नहीं भूलेंगे।”
कांग्रेस के रवैये की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि यह वही पार्टी है जिसने श्री अकाल तख्त साहिब पर टैंक चढ़ाए थे और देश के विभिन्न हिस्सों में निर्दोष सिखों का कत्लेआम किया था। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब में सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने अपने कार्यकाल के दौरान फैले नशे को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। कांग्रेस प्रांत में बेअदबी की घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा देने में भी नाकाम रही।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कांग्रेस के पास पंजाबियों का फतवा मांगने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। यह वही पार्टी है जिसने श्री अकाल तख्त साहिब के खिलाफ टैंकों का इस्तेमाल किया और देश भर में निर्दोष सिखों का कत्लेआम किया।” मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी तो नौजवानों में नशा फैला, लेकिन पार्टी ने इस अलामत को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। बेअदबी के मामलों में भी कांग्रेस इंसाफ देने में नाकाम रही। पंजाब इसे नहीं भूल सकता।
अकाली दल को कड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अपने लंबे शासन के दौरान उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने का पाप किया, जिम्मेदार लोगों की पुश्तपनाही की और निर्दोष लोगों पर गोलियां चलाने की इजाजत दी। उन्होंने कहा, “अकालियों ने पंजाब को बेरहमी से लूटा, पंजाबियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई और प्रांत में माफियाओं को शह दी। अकाली दल को पड़ी हर वोट बेअदबी के हक में फतवा होगा। अकाली नेतृत्व ने पंजाब के साथ जो किया है, उसके लिए उन्हें कभी माफ नहीं किया जा सकता। उनके सत्ताकाल में नशों की पुश्तपनाही की गई और इस कारण पंजाब की पूरी पीढ़ी बर्बाद हुई। उन्होंने प्रांत की दौलत लूटी और पंजाब को सामाजिक व भावनात्मक तौर पर नुकसान पहुंचाया।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “अकाली दल अब भाजपा के साथ गठजोड़ के लिए मिन्नते कर रहा है क्योंकि वह सत्ता में वापसी करना चाहता है। इस गठजोड़ के पीछे कोई विचारधारा, पंजाब के लिए कोई एजेंडा और लोगों की कोई परवाह नहीं है। उनका एकमात्र मकसद सत्ता हथियाना है लेकिन पंजाब के लोग उनके अतीत से अवगत हैं और वे दोबारा मुंह नहीं लगाएंगे।”
अकाली आगू सुखबीर सिंह बादल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सुखबीर सिंह बादल ने उम्र भर ऐशो-आराम और सुरक्षित माहौल में जीवन बिताया है। वे पंजाब की जमीनी हकीकतों को नहीं समझते। वे कॉन्वेंट स्कूल के पढ़े-लिखे सियासी नेता हैं जिन्हें प्रांत के बुनियादी भूगोल का भी पता नहीं, फिर भी वे पंजाब पर राज करना चाहते हैं। बाकी सब कुछ छोड़ें, वे पंजाब की मुख्य फसलों में भी फर्क नहीं कर सकते क्योंकि उन्हें हमारे किसानों की समस्याओं का बहुत कम ज्ञान है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली आगुओं ने पंजाब और पंजाबियों के हितों की बजाय हमेशा अपने हितों पर ध्यान केंद्रित किया है, जबकि आम आदमी पार्टी सिर्फ प्रांत की भलाई और तरक्की के लिए वचनबद्ध है।
कांग्रेस की आंतरिक खींचतान पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेता सत्ता के लिए आपस में लड़ रहे हैं, जबकि प्रांत सरकार लोगों की भलाई के लिए अथक मेहनत कर रही है। “आप की लड़ाई मानक शिक्षा, अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं, रोजगार और लोगों की भलाई के लिए है। हमारी लड़ाई पंजाबियों के जीवन को बेहतर बनाने की है। दूसरी तरफ कांग्रेसी नेता सत्ता के लिए आपस में लड़ रहे हैं और एक-दूसरे की शक्ल भी देखना नहीं चाहते। उनके पास पंजाब के लिए कोई विजन नहीं है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कांग्रेस के पास पंजाब के लिए कोई एजेंडा नहीं है। इसका एकमात्र सपना सत्ता में आकर प्रांत की दौलत को लूटना है, लेकिन यह सपना कभी पूरा नहीं होगा। कांग्रेस एक बंटा हुआ घर है और इसकी आंतरिक लड़ाई ही इसे डुबो देगी। यह बदकिस्मती की बात है कि उनके गुटबाजी वाले नेताओं को एक करने आए वरिष्ठ नेताओं को भी उनके नाम सही बोलना नहीं आते।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं पंजाब के लोगों के बेटे और भाई के रूप में काम कर रहा हूं। मैं अपने से पहले के मुख्यमंत्रियों की तरह आलीशान जिंदगी जीने की बजाय उनकी तकलीफों को समझने और उनका दुख बांटने पर ध्यान दिया है। जनता का एक-एक रुपया जनता पर ही खर्च किया जा रहा है। इसी लिए विपक्षी दल परेशान है। सत्ता में रहते हुए उन्होंने अपने खजाने भरे थे, जबकि हम आम पंजाबियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रांत के साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि पिछले शासकों में से कोई भी लोगों के बीच इस तरह नहीं आया था कि उनकी समस्याओं के बारे में विस्तार से बातचीत की जा सके और मिशनरी भावना से उनका समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा, “पिछले सियासतदांनों ने लोगों से मिलने की बजाय अपने आप को अपने महलों की ऊंची दीवारों के पीछे सीमित कर लिया था, और अब वे प्रांत सरकार के लोक कल्याण के उपरालों से बौखलाए हुए हैं।”
भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं हमेशा फील्ड में और लोगों के बीच रहा हूं। मैं उनके पास आता हूं, उनकी समस्याएं सुनता हूं और विकास-मुखी तथा नागरिक-केंद्रित नीतियां बनाने से पहले उनकी फीडबैक लेता हूं। बड़ी कोठियों की दीवारों के पीछे बैठकर पंजाब पर राज नहीं किया जा सकता। लोग ऐसी सरकार के हकदार हैं जो उनकी बात सुने और उनके साथ मिलकर काम करे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोगों का पैसा लोगों का ही है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उनके टैक्स का पैसा विकास, बेहतर स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और अन्य जनसुविधाओं के जरिए वापस उन तक पहुंचे।” उन्होंने कहा कि 90 फीसदी से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, जबकि किसानों को अब दिन में बिजली दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के लिए काम करने वाली सरकार ऐसी ही होती है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने लोगों को मुफ्त बिजली मुहैया करवाई है, 70,000 से अधिक नौजवानों को बिना किसी भ्रष्टाचार के नौकरियां दी हैं, सड़कों में सुधार किया है, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को मजबूत किया है, नया बुनियादी ढांचा बनाया है और ऐसी कई अन्य पहलकदमियां की हैं जिन्हें पिछली सरकारों ने अनदेखा कर दिया था। उन्होंने कहा कि नौजवानों को खेलों की ओर जोड़ने और नशों से दूर रखने के लिए पंजाब भर में 3,100 खेल स्टेडियम बनाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “शिक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है क्योंकि कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायतें संबंधी कार्ड गरीबी या सामाजिक समस्याओं को स्थायी तौर पर खत्म नहीं कर सकता। यह शिक्षा ही है, जो हमें इस मकड़जाल से बाहर निकाल सकती है और आम आदमी को सक्षम बना सकती है।” उन्होंने कहा कि हम शिक्षा प्रणाली की नुहार बदल रहे हैं ताकि सामान्य परिवारों के बच्चे बड़े सपने देख सकें और अपना भविष्य बेहतर बना सकें।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रांत भर के निवासियों की सुविधा के लिए 45,000 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण और अपग्रेडेशन किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “पहले कृषि रकबे का सिर्फ 26 फीसदी हिस्सा ही नहरी सिंचाई के अधीन था, जो आज बढ़कर 80 फीसदी हो गया है। इसका मतलब है कि ज्यादा से ज्यादा किसानों को नहरी पानी की भरोसेमंद सप्लाई मिल रही है और जमीन के नीचे के पानी पर उनकी निर्भरता घट रही है।” उन्होंने कहा कि हम पंजाब के कृषि भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं और साथ ही यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि विकास सुविधाएं प्रांत के हर कोने तक पहुंचें।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने पंजाब के हर परिवार को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ शुरू की है। उन्होंने बताया कि यह स्कीम प्रति परिवार 10 लाख रुपये तक का नकद-रहित चिकित्सा इलाज मुहैया करवाती है, जिसने आम परिवारों पर वित्तीय बोझ को काफी हद तक कम करने के साथ-साथ मानक स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित की है। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब इस स्कीम के जरिए इतनी व्यापक स्वास्थ्य सेवा कवरेज प्रदान करने वाला देश का पहला प्रांत बन गया है।” उन्होंने इस योजना को यह सुनिश्चित करने कि कोई भी परिवार चिकित्सा खर्चों के कारण वित्तीय संकट में न फंसे, की दिशा में बड़ा कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ‘मावां धियां सतिकार योजना’ के तहत 18 साल और इससे अधिक उम्र की आम वर्ग से संबंधित हर महिला लाभार्थी को 1 जुलाई से 1,000 रुपये और एस.सी. वर्ग से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता के बारे में मोबाइल फोनों पर लगातार नोटिफिकेशन प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “यह रकम सीधी योग्य लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जा रही है और पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही महिलाएं भी इस योजना के लिए योग्य हैं।”
उन्होंने कहा कि पंजाब की 97 फीसदी महिलाओं को इस स्कीम का लाभ मिलेगा और प्रांत सरकार ने बजट में इसके लिए 9,300 करोड़ रुपये रखे हैं। उन्होंने आगे कहा, “यह पहल महिलाओं को आर्थिक तौर पर सशक्त करने और यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार की वचनबद्धता को दर्शाती है कि जनता के साधनों का इस्तेमाल सीधे तौर पर पंजाब के परिवारों की भलाई के लिए किया जाए।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लोग खुद के लिए काम करने वाली सरकारों और लोगों के लिए काम करने वाली सरकार के बीच का फर्क पहले ही देख चुके हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब का खजाना लूटने के दिन अब बीते की बात बन गए हैं। उन्होंने कहा कि अब तो प्रांत “विकास की आंधी” का गवाह बन रहा है। उन्होंने अंत में कहा, “पंजाब में लूट का दौर से पंजाब की सृजना की ओर लक्षित है।


