रोपड़ –शहीदी दिवस के अवसर पर आज गुरुद्वारा श्री परिवार बिछोड़ा साहिब से एक नगर कीर्तन निकाला गया। यह नगर कीर्तन उसी ऐतिहासिक मार्ग से होकर गुजरा, जिससे सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के परिवार और उनके सिंहों ने कठिन परिस्थितियों में सरसा नदी पार की थी।
नगर कीर्तन का नेतृत्व पंच प्यारों ने किया। इसमें गुरु साहिबान की पवित्र बाणी का कीर्तन किया गया। गुरबाणी के उच्चारण से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर अनुशासन के साथ भाग लिया। सेवादारों ने मार्ग की सफाई और संगत की सुविधाओं के लिए उचित प्रबंध किए थे।
सरसा नदी पार करने का दृश्य विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा। यह क्षण गुरु परिवार के ऐतिहासिक बिछोड़े की याद दिलाता है। संगत ने इसे सिख इतिहास के उस अध्याय से जोड़ा, जिसमें धर्म और सिद्धांतों की रक्षा के लिए अद्वितीय बलिदान दिए गए थे।
अटूट लंगर का आयोजन
यह ऐतिहासिक यात्रा कुंमा माशकी गांव पहुंचकर संपन्न हुई। यहां संगत के लिए गुरु का अटूट लंगर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सेवा कार्यों में भाग लिया। संगत ने इस यात्रा को आत्मिक शांति देने वाली और आने वाली पीढ़ियों को सिख इतिहास से जोड़ने वाली बताया।


