ब्रासीलिया –ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो (70) को वहां की सुप्रीम कोर्ट ने तख्तापलट की साजिश के मामले में 27 साल की सजा सुनाई। मंगलवार को यह फैसला आया।
उन पर आरोप है कि उन्होंने 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में हार के बावजूद सत्ता में बने रहने के लिए मौजूदा राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा की सरकार गिराने की साजिश रची थी।
सुनवाई के दौरान बोल्सोनारो की कानूनी टीम ने कोर्ट के फैसले के खिलाफ अंतिम अपील नहीं की, जिसके बाद जस्टिस अलेक्जेंड्रे मोराएस ने 27 साल की सजा लागू करने का आदेश दिया।
जज ने आदेश दिया कि बोल्सोनारो को फिलहाल राजधानी ब्राजीलिया में फेडरल पुलिस हेडक्वार्टर में ही रखा जाएगा, जहां वे शनिवार से ‘फरार होने की आशंका’ के कारण पहले ही प्री-अरेस्ट हैं।
तस्वीर अगस्त 2025 की है। सुप्रीम कोर्ट ने बोल्सोनारो को नजरबंद रखे जाने का आदेश दिया था। तब पूर्व राष्ट्रपति के वकीलों ने कहा था- यह एक सामान्य अभिव्यक्ति है, अपराध नहीं।
तस्वीर अगस्त 2025 की है। सुप्रीम कोर्ट ने बोल्सोनारो को नजरबंद रखे जाने का आदेश दिया था। तब पूर्व राष्ट्रपति के वकीलों ने कहा था- यह एक सामान्य अभिव्यक्ति है, अपराध नहीं।
क्या है तख्तापलट की साजिश का मामला?
ब्राजील के सरकारी वकीलों का आरोप है कि बोल्सोनारो ने चुनाव हारने के बाद सत्ता को बचाने के लिए
सुप्रीम कोर्ट पर हमले की साजिश रची
राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा और जज डि मोरायस की हत्या की योजना बनाई
सैन्य तख्तापलट के जरिए चुनाव परिणाम पलटने की कोशिश की


