पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में सामने आए करीब 14 करोड़ रुपये के यूजीसी स्कॉलरशिप घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज कर लिया है।
जांच के अगले चरण में ईडी ने मुख्य आरोपी निशु चौधरी और उसके सहयोगियों की 20 से ज्यादा संपत्तियों का रिकॉर्ड पटियाला सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से मांगा है।
ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि स्कॉलरशिप फर्जीवाड़े से हासिल की गई रकम को किन संपत्तियों में लगाया गया और क्या अवैध कमाई को अलग-अलग तरीकों से वैध बनाने की कोशिश की गई।
इससे पहले पंजाबी यूनिवर्सिटी की आंतरिक जांच कमेटी की रिपोर्ट में करीब 14 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ था। रिपोर्ट में कई लोगों की भूमिका पर सवाल उठे थे।
जांच एजेंसी अब बैंक खातों, लेन-देन और पैसों के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। ईडी की कार्रवाई के बाद इस मामले में जुड़े लोगों में हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक आने वाले समय में संपत्तियों की कुर्की और कुछ गिरफ्तारियों जैसी कार्रवाई भी हो सकती है।
वहीं पटियाला के सब-रजिस्ट्रार गुलाब सिंह थिंद ने ईडी का पत्र मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मांगे गए दस्तावेज नियमों के अनुसार तैयार कर एजेंसी को सौंपे जाएंगे।


