बठिंडा : जिले के गांव जोधपुर रोमाना में रविवार को एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान रानू के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का इकलौता बेटा था। रानू के पिता, जो पंजाब पुलिस में कार्यरत थे, उनका भी कुछ वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। अब इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
चिट्टे की गिरफ्त में था युवक, मौत से पहले हुआ था गंभीर रूप से घायल
गांव से जुड़े सूत्रों के अनुसार रानू लंबे समय से चिट्टे (हेरोइन) की लत का शिकार था। बताया जा रहा है कि शनिवार को वह गांव में ही किसी स्थान पर गिर पड़ा था, जिससे उसकी आंखों और शरीर के अन्य हिस्सों पर अंदरूनी चोटें आई थीं। उसने इस बारे में अपनी मां को भी जानकारी दी थी, लेकिन आर्थिक मजबूरी या लापरवाही के चलते कोई चिकित्सकीय जांच नहीं करवाई गई। अगले ही दिन रविवार को उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मौत के कारणों को लेकर अभी कई सवाल खड़े हो रहे हैं, लेकिन ग्रामीण इसे नशे से जोड़कर देख रहे हैं।
गांव में खुलेआम बिक रहा चिट्टा, पुलिस पर गंभीर आरोप
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर इलाके में फैलते नशे के काले कारोबार और प्रशासन की कथित निष्क्रियता को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जोधपुर रोमाना में 15 से 20 युवक खुलेआम चिट्टे का सेवन कर रहे हैं, जबकि नशा आसानी से नरुआना और आसपास के क्षेत्रों से लाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नशा तस्करी का नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है, लेकिन पुलिस और प्रशासन आंखें मूंदे बैठे हैं


