बिहार की राजधानी पटना के बाढ़ इलाके में गुरुवार सुबह गंगा नदी में दर्दनाक हादसा हो गया। उमानाथ क्षेत्र के पास तेज हवा और ओवरलोडिंग के कारण एक नाव नदी में पलट गई। हादसे में 3 लोगों की डूबने से मौत हो गई, जबकि 4 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। वहीं 7 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
मृतकों की पहचान नीलम कुमारी (30), श्रवण महतो (36) और 15 वर्षीय काशी कुमार के रूप में हुई है। श्रवण और काशी आपस में पिता-पुत्र थे।
हादसे में घायल हुए लोगों में राहुल कुमार, ममता देवी, कबूतरी कुमारी और एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की शामिल हैं। अन्य घायलों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।
जानकारी के अनुसार बिंद टोली के 14 लोग गुरुवार सुबह करीब 5:45 बजे नाव के जरिए समस्तीपुर जिले के सुल्तानपुर दियारा इलाके में खेती और सब्जी तोड़ने के काम के लिए गए थे। वापसी के दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज हवा के बीच क्षमता से अधिक सवारियां होने के कारण नाव बीच धारा में डगमगाने लगी और कुछ ही देर में पलट गई।
नाव में मौजूद लोगों ने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। गंगा की तेज धारा में कई लोग बह गए। नाव पर किसी तरह के सुरक्षा या बचाव उपकरण भी मौजूद नहीं थे।
हादसे को देखकर आसपास मौजूद मल्लाहों और स्थानीय गोताखोरों ने तुरंत गंगा में छलांग लगाई और 7 लोगों को बाहर निकाल लिया। सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लापता लोगों की तलाश के लिए SDRF की टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।


