वनडे सीरीज हार के बाद टीम इंडिया 29 अक्टूबर से ऑस्ट्रेलिया में 5 मैचों की टी-20 सीरीज खेलेगी। जहां टीम के पास हिसाब बराबर करने का मौका तो रहेगा ही, टी-20 वर्ल्ड कप के लिए टीम परखने का चांस भी रहेगा।
ऑस्ट्रेलिया हमेशा ही दुनिया की टॉप-3 टीमों में शामिल रही, उनके खिलाफ उन्हीं के मैदान में खेलना क्रिकेट के सबसे मुश्किल अनुभवों में से एक है। ऑस्ट्रेलिया के दर्शक और प्लेयर्स विपक्षी टीम के खिलाड़ियों को हमेशा ही चैलेंज करते हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ परफॉर्म करने वाले प्लेयर्स किसी भी तरह की प्रेशर सिचुएशन में परफॉर्म करने के लिए तैयार भी हो जाते हैं।
स्टोरी में जानते हैं कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 सीरीज टीम इंडिया के लिए बेहद जरूरी क्यों है…
क्रिकेट टीमों के सामने अगला बड़ा चैलेंज ICC का टी-20 वर्ल्ड कप है। 2026 की फरवरी में शुरू होने वाले टूर्नामेंट में 20 टीमें हिस्सा लेंगी। भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें खिताब जीतने की बड़ी दावेदार हैं। टूर्नामेंट की मेजबान भारत और श्रीलंका हैं। श्रीलंका में तो लो-स्कोरिंग मुकाबले देखने को मिलेंगे, लेकिन भारत में हाई स्कोरिंग मैच होंगे। जिसके लिए दोनों ही टीमों में बिग हिटर्स मौजूद हैं।
भारत ने जहां पिछले महीने ही टी-20 एशिया कप का खिताब जीता, वहीं ऑस्ट्रेलिया ने पिछले वर्ल्ड कप के बाद से 2 ही मुकाबले गंवाए हैं। टीम ने इस दौरान 16 टी-20 जीते। होमग्राउंड पर तो कंगारू टीम ने 1 ही मैच गंवाया। पिछले वर्ल्ड कप के बाद से चैंपियन भारत ने भी 27 में से 24 टी-20 जीते हैं।


