दीपावली की रात राजधानी दिल्ली में लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। इसकी वजह से दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण काफी बढ़ गया। ज्यादातर जगह रेड जोन यानी खतरनाक स्थिति में हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, राजधानी में रात 10 बजे तक ही एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 344 पार पहुंच गया। यह गंभीर स्थिति है। वहीं द्वारका में AQI 417, अशोक विहार में 404, वजीरपुर में 423 और आनंद विहार में 404 रहा।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में रात 8 बजे से 10 बजे तक ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति दी थी, लेकिन लोगों ने देर रात तक पटाखे फोड़े। इससे 38 में से 36 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर प्रदूषण का स्तर रेड जोन में रिकॉर्ड हुआ।
GRAP-I तब सक्रिय होता है जब AQI 200 से 300 के बीच होता है। इसके तहत, एनसीआर में सभी संबंधित एजेंसियों को 27 निवारक उपायों को सख्ती से लागू किया जाना है।
इनमें एंटी-स्मॉग गन का उपयोग, पानी का छिड़काव, सड़क निर्माण, मरम्मत परियोजनाओं और रखरखाव गतिविधियों में धूल नियंत्रण करना शामिल हैं।
गाजियाबाद के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. शरद जोशी ने बचाव के लिए सभी को बाहरी गतिविधियों के दौरान N95 या डबल सर्जिकल मास्क पहनने की सलाह दी है।


