भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए दावा किया है कि पार्टी के भीतर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं और इसी वजह से कांग्रेस में दो गुट बन गए हैं। भाजपा सांसद एवं प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने INDIA ब्लॉक के दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में अपनी बहन प्रियंका गांधी को बोलने का मौका नहीं दिया।
संबित पात्रा ने दावा किया कि राहुल गांधी को डर है कि अगर प्रियंका गांधी को पार्टी में आगे बढ़ाया गया तो उनका अपना राजनीतिक कद कम हो सकता है। हालांकि, भाजपा के इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दरअसल, INDIA ब्लॉक ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए मॉक पार्लियामेंट का आयोजन किया था। इसके बाद रविवार को इसी मुद्दे पर दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दलों की रैली आयोजित की गई। खास बात यह रही कि प्रियंका गांधी ने दोनों ही कार्यक्रमों में भाषण नहीं दिया।
भाजपा का दावा- दोनों कार्यक्रमों में नाखुश नजर आईं प्रियंका
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर दावा किया कि प्रियंका गांधी मॉक पार्लियामेंट और रामलीला मैदान की रैली के दौरान नाखुश दिखाई दीं।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गांधी परिवार के भीतर कोई राजनीतिक खींचतान चल रही है? क्या राहुल गांधी को इस बात का डर है कि प्रियंका गांधी को नेतृत्व में आगे लाने से उनका अपना स्थान कमजोर हो सकता है? पात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि इसी राजनीतिक खींचतान के चलते प्रियंका को दोनों कार्यक्रमों में बोलने का अवसर नहीं दिया गया।
रैली में राहुल गांधी का दावा- पद से हटेंगे ज्ञानेश कुमार
दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA ब्लॉक की रैली में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी बात सच साबित होगी और ज्ञानेश कुमार CEC के पद से हटेंगे तथा जेल जाएंगे।
करीब चार घंटे चले इस कार्यक्रम में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और सुप्रिया सुले सहित INDIA ब्लॉक के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। रैली में कुल आठ नेताओं ने संबोधन किया।
25 दिनों में सातवीं बार एकजुट हुआ विपक्ष
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में पिछले 25 दिनों के दौरान विपक्षी दल सातवीं बार एक मंच पर आए। इससे पहले 6 से 13 अक्टूबर के बीच विपक्षी दलों ने छह बार विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए थे।


