बांग्लादेश के रंगपुर शहर में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतकों में रिटायर्ड स्कूल शिक्षक, उनकी पत्नी, बेटी और 12 साल का बेटा शामिल हैं। पुलिस ने मामले में दो कजिन भाइयों मुग्धो और सिद्धार्थ को हिरासत में लिया है।
बांग्लादेशी मीडिया द डेली स्टार के मुताबिक, पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी गुरुवार रात पड़ोस की इमारत से गणपति चक्रवर्ती के घर की छत पर पहुंचे थे। दोनों वहां याबा नाम की नशीली ड्रग ले रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, गणपति चक्रवर्ती ने छत पर दोनों युवकों को देख लिया और उनसे पूछा कि वे वहां क्या कर रहे हैं। आरोपियों को डर था कि गणपति उन्हें पहचान लेंगे। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर गणपति की हत्या कर दी।
बताया गया है कि आरोपियों ने गणपति के ही गमछे से उनका गला दबाया। आवाज सुनकर उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती भी छत की ओर पहुंचीं। आरोपियों ने सीढ़ियों पर कपड़े के एक टुकड़े से कथित तौर पर उनका भी गला दबा दिया।
इसके बाद आरोपियों ने घर में मौजूद गणपति की 23 वर्षीय बेटी आगमी चक्रवर्ती प्रार्थी और 12 वर्षीय बेटे प्रियम चक्रवर्ती की भी हत्या कर दी।
हत्या के बाद 6-7 घंटे घर में रहे आरोपी
पुलिस के मुताबिक, चारों की हत्या करने के बाद आरोपी तुरंत घर से नहीं भागे। दोनों करीब 6 से 7 घंटे तक घर के अंदर ही रहे।
आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने हत्या के बाद घर में खाना खाया, दोबारा नशीली ड्रग ली और यहां तक कि घर में नहाया भी।
शनिवार रात परिवार के चारों सदस्यों के शव घर के अंदर से बरामद किए गए। पुलिस ने इसके बाद जांच शुरू की और दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया।
कौन थे मृतक?
मृतकों की पहचान 65 वर्षीय गणपति चक्रवर्ती, उनकी 50 वर्षीय पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती, 23 वर्षीय बेटी आगमी चक्रवर्ती प्रार्थी और 12 वर्षीय बेटे प्रियम चक्रवर्ती के तौर पर हुई है।
गणपति चक्रवर्ती रंगपुर जिला स्कूल में शिक्षक थे। वह पिछले साल 31 दिसंबर को रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद वह होम्योपैथी का काम भी कर रहे थे।
रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबूद के मुताबिक, मामले की जांच जारी है और हत्या के पीछे की पूरी वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।


