चंडीगढ़-हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज के विभाग में घोटाला सामने आया है। अनिल विज खुद इस मामले की जांच कर रहे थे। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह घोटाला लगभग 1500 करोड़ तक का हो सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनिल विज ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर कहा है कि इस पूरे मामले की किसी अच्छी जांच एजेंसी से जांच कराई जाए।
विज ने बताया कि हाल ही में उन्होंने बोर्ड की एक मीटिंग की थी। इस मीटिंग में बोर्ड के सदस्यों की नियुक्ति में गड़बड़ियां पाई गईं, साथ ही निर्माण श्रमिकों को योजनाओं का लाभ देने में भी गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद उन्होंने तुरंत जांच के आदेश दे दिए। तब सामने आया कि ये गड़बड़ी 6 जिलों में हुई है।
गड़बड़ी सामने आने के बाद वर्क स्लिप की वेरिफिकेशन
मंत्री अनिल विज ने बताया कि शुरू में हिसार, कैथल, जींद, सिरसा, फरीदाबाद और भिवानी जिलों में जांच की गई, जहां बहुत सारी गड़बड़ियां मिलीं। इसके बाद, राज्य के सभी जिलों के DC को कहा गया कि वे जिला स्तर पर समितियां बनाएं। इन समितियों में श्रम विभाग के अधिकारी और तीन अन्य अधिकारी शामिल थे।
ये समितियां अगस्त 2023 से मार्च 2025 के बीच जारी की गई ऑनलाइन वर्क स्लिप (काम करने का प्रमाण) की जांच कर रही हैं। यह जांच लगभग 4 महीने पहले शुरू हुई थी और अब तक 13 जिलों में 100% जांच पूरी हो चुकी है।


