जयपुर की मुहाना मंडी में इन दिनों आलू-प्याज की जमकर आवक हो रही है। जिससे सप्लाई बहुत ज्यादा बढ़ गई है, लेकिन मार्केट में डिमांड कम है। इसी कारण आलू-प्याज के दामों में तेजी से गिरावट आई है और दाम इतने नीचे आ चुके हैं कि किसान अपनी लागत भी नहीं निकाल पा रहे।
आलू के पुराने स्टॉक का दबाव इतना बढ़ गया है कि व्यापारी और किसान दोनों इस चिंता में हैं कि अगर यह माल नवंबर तक नहीं बिका तो इसे फेंकना पड़ जाएगा। पुराने आलू की भारी क्वांटिटी लगातार मंडी पहुंच रही है। इसके दाम 6 से 9 रुपए किलो तक आ चुके हैं, लेकिन खरीदार नहीं मिल रहे हैं। ऊपर से नए आलू की ताजा फसल बाजार में उतर चुकी है, जिससे पुराने आलू की खपत और कम हो गई है।
यही स्थिति प्याज की भी है। जिस प्याज का इस सीजन में सामान्यत: 25–30 रुपए किलो का भाव रहता है, वह अभी 8–12 रुपए किलो तक बिक रहा है। एक्सपोर्ट में कमी, देश में बढ़ा हुआ स्टॉक और गुणवत्ता में गिरावट के कारण प्याज की भारी मात्रा मंडी में पड़ी है।
पुराना प्याज राजस्थान और एमपी से आ रहा है, जबकि अलवर से नई फसल भी आ रही है। नई फसल बारिश से खराब हुई है, इसलिए इसे भी जल्दी खपाना जरूरी है।


