पंजाबी सिंगर राजवीर जवंदा के अंतिम संस्कार के बाद अब इलाज को लेकर कई अनसुनी बातें सामने आ रही हैं। 11 दिन फोर्टिस अस्पताल, मोहाली में रहे जवंदा का दिमाग अगर काम कर जाता तो शायद वह बच सकते थे। मगर, अस्पताल लाने से लेकर निधन तक उनके दिमाग ने रिस्पांड नहीं किया।
अस्पताल में लगातार डटे रहे सिंगर रेशम अनमोल ने इन बातों की पुष्टि की। राजवीर जवंदा फोर्टिस अस्पताल में 12वें दिन उन्होंने बुधवार (8 अक्टूबर) की सुबह 10.55 बजे अंतिम सांस ली।
सिंगर रेशम अनमोल ने यह भी बताया कि उनकी बेटी हेमंत कौर हर बार अस्पताल आकर पिता से कहती कि पापा, हमसे धोखा मत करना। मगर, जवंदा की जान नहीं बचाई जा सकी।


