आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को केंद्र सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि पंजाब से किसी नए चेहरे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।
इस दौड़ में राघव चड्ढा के अलावा लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर अशोक मित्तल और राज्यसभा सांसद तरुण चुघ का नाम भी चर्चा में है।
फिलहाल पंजाब से रवनीत बिट्टू केंद्र में मंत्री हैं, लेकिन उनका राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद संवैधानिक नियमों के तहत उन्हें छह महीने के भीतर सदन की सदस्यता लेनी होगी, नहीं तो मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार भाजपा राघव चड्ढा को आगे लाकर पंजाब में अपनी रणनीति को मजबूत कर सकती है। चड्ढा आम आदमी पार्टी की कोर टीम का हिस्सा रहे हैं और 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी की जीत के लिए अहम भूमिका निभाई थी।
अगर उन्हें केंद्र में जगह मिलती है तो भाजपा को पंजाब में AAP के खिलाफ एक मजबूत राजनीतिक चेहरा मिल सकता है। खासकर शहरी इलाकों और युवा वोटरों के बीच इसका असर देखने को मिल सकता है।
वहीं, राघव चड्ढा के भाजपा में आने से आम आदमी पार्टी को राजनीतिक और संगठनात्मक नुकसान होने की चर्चा भी तेज हो सकती है।


