Friday, July 10, 2026
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कर विभाग ने 55.35 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग घोटाले के मास्टरमाइंड को किया गिरफ्तार: हरपाल सिंह चीमा

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निर्यातकों को 8.35 करोड़ रुपये का गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट पास किया गया: हरपाल सिंह चीमा

मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों के नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जांच जारी: हरपाल सिंह चीमा

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कर चोरी के विरुद्ध जीरो-टॉलरेंस नीति दोहराई

चंडीगढ़, 9 जुलाई 2026 – पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज घोषणा की कि पंजाब राज्य कर विभाग ने जालंधर स्थित एक फर्म के मालिक को 55.35 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग घोटाले को अंजाम देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्रवाई से लगभग 8.35 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के लेन-देन को सफलतापूर्वक रोका गया है, जिसके माध्यम से गलत एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) रिफंड दावों के जरिए सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा था।

यहां जारी एक प्रेस बयान में खुफिया सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई का विवरण देते हुए आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि राज्य जीएसटी विभाग ने पंजाब जीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 69 के तहत जालंधर स्थित मैसर्स रैमसन्स कॉर्पोरेशन (GSTIN: 03BFDPB3574F1ZZ) के मालिक भूपिंदर शर्मा को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह फर्म वस्तुओं की वास्तविक आपूर्ति किए बिना जीएसटी चालान जारी कर बड़े पैमाने पर फर्जी बिलिंग और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाले में संलिप्त थी।

घोटाले के वित्तीय पैमाने की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस फर्म ने लगभग 55.35 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग की, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 8.35 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट गलत तरीके से प्राप्त किया गया और आगे अन्य फर्मों को स्थानांतरित किया गया। इस फर्जी आईटीसी का उपयोग कुछ विनिर्माण इकाइयों द्वारा निर्यात पर भुगतान किए गए आईजीएसटी के रिफंड का दावा करने के लिए किया गया, जिससे सरकारी खजाने को प्रत्यक्ष और भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

कार्रवाई का विवरण देते हुए श्री चीमा ने कहा कि जांच के दौरान एकत्र किए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर राज्य कर विभाग की एक विशेष टीम ने 9 जुलाई 2026 को आरोपी को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि इस घोटाले से संबंधित अपराध पंजाब जीएसटी अधिनियम, 2017 की कठोर धाराओं के तहत गैर-जमानती हैं।

जांच के अगले चरण के संबंध में वित्त मंत्री ने कहा कि मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों के पूरे नेटवर्क की पहचान करने, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के वास्तविक प्रवाह का पता लगाने तथा कर चोरी की कुल राशि का आकलन करने के लिए जांच तेजी से जारी है। इस घोटाले में शामिल पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कर धोखाधड़ी के प्रति पंजाब सरकार के कड़े रुख को दोहराते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। फर्जी इनवॉयसिंग, बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट और कर धोखाधड़ी में शामिल प्रत्येक व्यक्ति अथवा संस्था के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी अवैध गतिविधियां न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि ईमानदार करदाताओं के लिए अस्वस्थ कारोबारी वातावरण भी पैदा करती हैं।

वित्त मंत्री ने विभाग की आधुनिक कार्यप्रणाली पर बल देते हुए कहा कि कर विभाग को चौकसी बढ़ाने तथा कर चोरों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार खुफिया सूचना आधारित प्रवर्तन, उन्नत डेटा विश्लेषण तथा कर चोरी के नेटवर्क के विरुद्ध समन्वित जांच के माध्यम से सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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