Tuesday, August 11, 2026
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पंजाब की ओर से हजारों आउटसोर्स्ड वर्कर्स का भविष्य सुरक्षित करने के लिए ऐतिहासिक कानून पास

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वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की ओर से पंजाब विधानसभा में पेश आउटसोर्स्ड कर्मचारियों को सीधे ठेके पर तब्दील करने के लिए बिल सर्वसम्मति से पास

बिल के तहत 5 साल की लगातार सेवा की शर्त रखी गई, जबकि बिजली शिकायत निवारण, सफाई और अग्निशमन सेवाओं जैसे खतरनाक कामों के लिए इसे घटाकर 3 साल किया: हरपाल सिंह चीमा

बिल के जरिए कर्मचारियों की वेतन की सुरक्षा, वेज कोड का पूरा पालन और पीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी और छुट्टियों के लाभ लाजमी किए गए: हरपाल सिंह चीमा

नए कानून से ग्रुप-सी और ग्रुप-डी वर्कर्स के लिए ठेकेदारों की भूमिका खत्म, सरकार और कर्मचारी के बीच सीधा रिश्ता बनेगा और पूरी पारदर्शिता यकीनी होगी: हरपाल सिंह चीमा

चंडीगढ़, 10 अगस्त, 2026 – प्रशासनिक सुधारों और कर्मचारियों की भलाई की ओर एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्स्ड पर्सनल (ट्रांजीशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल इंगेजमेंट) बिल, 2026’ सफलतापूर्वक पेश किया और विधानसभा द्वारा इसे सर्वसम्मति से पास किया। इस ऐतिहासिक कानून का उद्देश्य विभिन्न सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों में तैनात हजारों योग्य आउटसोर्स्ड वर्कर्स को सुरक्षित कानूनी दायरा प्रदान करना है।

यह नया कानून ग्रुप-सी और ग्रुप-डी श्रेणियों (पहले चरण में छब्बीस हजार से अट्ठाईस हजार कर्मचारी) के आउटसोर्स्ड कर्मचारियों को पेश आ रही लंबे समय से चली आ रही प्रणालीगत परेशानियों को हल करता
है।

पहले तीसरे पक्ष के ठेकेदारों के हाथों असुरक्षित कामकाजी हालात, अनियमित तनख्वाहों की अदायगी और मनमानी कटौतियों का सामना करने वाले ये वर्कर अब पंजाब सरकार के साथ सालाना आधार पर सीधे ठेके पर तब्दील हो जाएंगे।

सदन में बोलते हुए वित्त मंत्री चीमा ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश सरकार ऐसे व्यक्तियों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है जो महत्वपूर्ण कार्यशील और तकनीकी सेवाएं प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा, “मैनपावर सप्लाई एजेंसियों पर निर्भरता के कारण अक्सर जनता की सुविधाएं, स्वास्थ्य देखभाल निरंतरता और सुरक्षा मौलिक ढांचे को एजेंसियों की लापरवाही के कारण रुकावटों का खतरा बना रहता था। बिचौलिया एजेंसियों को खत्म करके और सीधा सरकार-मुलाजिम का रिश्ता स्थापित करके, प्रदेश सरकार पूरी पारदर्शिता, निर्विघ्न जनता सेवा डिलीवरी और किरत की मर्यादा को यकीनी बनाती है।”

इस कानून में योग्यता के मापदंड तय किए गए हैं, जिससे जरूरी जनता सेवाओं में लगे पूरे समय के कर्मचारियों को शामिल करना यकीनी बनाया गया है। योग्य होने के लिए, कर्मचारियों ने पांच साल की निरंतर सेवा पूरी की होनी चाहिए। उच्च-वोल्टेज बिजली शिकायत निवारण, सफाई और सीवर के रख-रखाव के साथ-साथ अग्निशमन कार्यों में फ्रंट-लाइन वर्कर्स को पेश आने वाले असाधारण पेशेवर खतरों और जोखिमों को पहचानते हुए, इन खतरनाक श्रेणियों के लिए योग्यता की सीमा को विशेष तौर पर घटाकर तीन साल कर दिया गया है।

पारदर्शिता और जवाबदेही इस नए कानून का मूल आधार हैं। तब्दीली की प्रक्रिया के लिए डिजिटल और बायोमेट्रिक प्रणालियों के जरिए असल हाजरी की तसदीक, नियमित मासिक तनख्वाह क्रेडिट की पुष्टि करने वाले प्रमाणित बैंक स्टेटमेंट्स, और पुलिस क्लियरेंस को अनिवार्य बनाया गया है।

प्रशासनिक विभाग सख्त कानूनी समय-सीमा के अंदर अर्जियों का कुशलता और निष्पक्षता से फैसला करने के लिए समर्पित विभाग कैडर योग्यता कमेटियां, दफ्तर-स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटियां और अपीली अथॉरिटीज स्थापित करेंगे।

सबसे अहम बात यह है कि यह कानून कर्मचारी के मुआवजे की सुरक्षा करता है। इसमें यह व्यवस्था की गई है कि तब्दीली के बाद मिलने वाला मेहनताना, आउटसोर्सिंग प्रबंध के तहत पहले प्राप्त हो रही तनख्वाह से कम नहीं होगा, और न ही यह वेज कोड, 2019 के तहत स्थापित न्यूनतम मजदूरी मापदंडों से नीचे जा सकता है। इसके अलावा, प्रोविडेंट फंड (पीएफ), कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई), और ग्रेच्युटी सहित कानूनी योगदानों की पूरी कानूनी जिम्मेदारी संबंधित विभाग लेंगे, साथ ही मातृत्व लाभ और आकस्मिक अवकाश जैसी व्यापक छुट्टियों के हक भी प्रदान किए जाएंगे।

इस कानून के लागू होने की तिथि से पुराना ‘पंजाब एडहॉक, कॉन्ट्रैक्चुअल, डेली वेज, टेम्पररी, वर्क चार्ज्ड एंड आउटसोर्स्ड इंपलाइज वेलफेयर एक्ट, 2016’ भी रद्द कर दिया गया है। इसके अमल की निगरानी करने के लिए, मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक स्टेट इंपॉवर्ड कमेटी का गठन किया गया है जो वार्षिक आधार पर कामकाज की समीक्षा करेगी और विशेष कैडर-स्तर की अपीलों को निपटाएगी।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “यह दूरदर्शी कानून पंजाब को चलाए रखने वाले हजारों मेहनती परिवारों के लिए शोषण के युग का अंत करता है। हमारे जरूरी कर्मचारियों को गारंटीशुदा कानूनी लाभों, डिजिटल जवाबदेही और न्यायसंगत तनख्वाहों के साथ सीधे ठेकों पर लाकर, हम एक मजबूत और अधिक लचीला जनता प्रशासन की रचना कर रहे हैं।”

सदन द्वारा बिल पास होने के बाद, पंजाब सरकार ने एकसमान कट-ऑफ तिथि को नोटिफाई करने और जरूरी प्रशासनिक कमेटियों का गठन करने के लिए तुरंत कदम उठा लिए हैं, ताकि सभी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों में तब्दीली की प्रक्रिया को सुचारू और तेजी से पूरा किया जा सके।

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