लुधियाना: सैंट्रल बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) ने देश भर के सभी स्कूलों को एक महत्वपूर्ण और कड़ी चेतावनी जारी की है, जिसमें बाजार में बिक रही नकली एन.सी.ई.आर.टी. किताबों के बढ़ते चलन पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ये जाली किताबें छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिसके कारण स्कूलों को तुरंत सतर्क होने की आवश्यकता है।
सी.बी.एस.ई. को ऐसी शिकायतें मिली हैं कि कुछ अनधिकृत दुकानदार और विक्रेता जानबूझकर एन.सी.ई.आर.टी. की नकली प्रतियां बेच रहे हैं। ये किताबें अक्सर कम कीमत पर उपलब्ध होती हैं, लेकिन इनमें गुणवत्ता और सामग्री से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं पाई जा रही हैं, जिनमें मुख्य रूप से कागज और प्रिंट की खराब गुणवत्ता, गलत प्रिंटिंग, विषय-वस्तु में त्रुटियां और कई जगह जानकारी गलत या अधूरी होना शामिल है। बोर्ड ने कहा है कि ऐसी त्रुटिपूर्ण किताबें छात्रों के सीखने की प्रक्रिया में भ्रम और गलतफहमी पैदा कर सकती हैं, जिससे उनकी पढ़ाई को नुकसान पहुंचता है।
सी.बी.एस.ई. द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश
शैक्षणिक गुणवत्ता और छात्रों की सीखने की प्रक्रिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, सी.बी.एस.ई. ने सभी स्कूल प्रमुखों को तत्काल प्रभाव से कुछ कड़े निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने उन्हें सलाह दी है कि वे अभिभावकों को बताएं कि केवल असली और अधिकृत एन.सी.ई.आर.टी. किताबें ही खरीदें। इसके अलावा, यदि स्कूल स्वयं किताबें मंगाते हैं, तो यह खरीदी केवल अधिकृत स्रोतों से ही की जानी चाहिए।


