पंजाब में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर राजनीतिक माहौल गर्माता जा रहा है। आम आदमी पार्टी के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि वोटर वेरिफिकेशन के नाम पर पंजाब के असली मतदाताओं को वोटर सूची से बाहर करने की कोशिश की जा रही है।
कंग ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत वोट का अधिकार है और अगर इस अधिकार पर चोट की गई तो पंजाब चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने पंजाब के लोगों से सतर्क और जागरूक रहने की अपील करते हुए कहा कि आने वाले समय में अपने वोट बचाने के लिए हर नागरिक को पहरा देना होगा।
AAP सांसद ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब जनता का समर्थन नहीं मिलता, तो भाजपा अलग-अलग तरीकों से चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करती है। उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां चुनाव “जीते नहीं, बल्कि लूटे गए” और इसमें डिफेंस फोर्सेज तथा इलेक्शन कमीशन का दुरुपयोग किया गया।
कंग ने कहा कि पंजाब ने हमेशा देश के लिए अहम भूमिका निभाई है— चाहे देश के अनाज भंडार भरने की बात हो या सीमाओं की सुरक्षा की। ऐसे राज्य को अब राजनीतिक एजेंडे के तहत बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वोट वेरिफिकेशन प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से नहीं हुई और किसी भी बोनाफाइड वोटर का नाम सूची से हटाने की कोशिश की गई, तो आम आदमी पार्टी और पंजाब के लोग इसका कड़ा विरोध करेंगे।
कंग ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सिर्फ वोट काटने की नहीं, बल्कि बाहरी लोगों को वोटर सूची में शामिल कर अपने वोट बैंक को मजबूत करने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाबी हमेशा अन्याय के खिलाफ खड़े हुए हैं और इस बार भी अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव संघर्ष करेंगे।


