पंजाब के लुधियाना में स्थानीय अदालत ने लुधियाना पुलिस को आयकर विभाग के अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। इन अधिकारियों पर शहर के डॉक्टर सुमीत सोफत के घर पर अवैध और हिंसक छापेमारी करने का आरोप है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट केशव अग्निहोत्री ने आदेश में कहा कि आरोपों में आपराधिक अतिचार, अधिकार का दुरुपयोग, मारपीट, निजता का उल्लंघन, पुरुष अधिकारियों द्वारा महिला की जबरन तलाशी, निजी उपकरणों से अनधिकृत डेटा निकालना और छापेमारी के दौरान कथित तौर पर गर्भपात होना शामिल है।
अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टी से अपराध का खुलासा होता है, जिसके लिए पुलिस कार्रवाई अनिवार्य है। अदालत ने ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि संज्ञेय अपराधों का खुलासा होने पर FIR दर्ज करना अनिवार्य है, और पुलिस के पास इनकार करने का कोई अधिकार नहीं है।
याचिका के अनुसार छापेमारी 18 दिसंबर, 2024 को सुबह लगभग 6 बजे हुई, जब डॉ. सोफत और उनकी गर्भवती पत्नी सो रहे थे। परिवार ने दावा किया कि लगभग 15-20 अधिकारी, जिनमें से कुछ सैन्य वर्दी में थे। जिन्होंने गेट पर चढ़कर, दरवाजों को क्षतिग्रस्त कर दिया और कथित तौर पर महिला को बंदूक की नोक पर परिसर खोलने की धमकी दी।
जमीन माफिया के साथ विवाद के चलते हमले के डर से दंपती ने कथित तौर पर 100 और 112 पर फोन किया, लेकिन कोई पुलिस सहायता नहीं पहुंची। अदालत ने आवेदक द्वारा प्रदान किए गए फुटेज और सबूतों को देखते हुए ये आदेश दिए है।


