लोकसभा चुनाव में बहुमत मिलने के अगले ही दिन एनडीए ने सर्वसम्मति से नरेंद्र मोदी को नेता चुना। PM आवास पर हुई बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया, ‘हमें गर्व है कि NDA ने चुनाव मोदी के नेतृत्व में लड़ा और जीता।’ बैठक में टीडीपी चीफ चंद्रबाबू नायडू, बिहार के सीएम नीतीश कुमार, महाराष्ट्र के CM एकनाथ शिंदे सहित 14 दलों के 21 नेता थे। नायडू और नीतीश के साथ मोदी ने अलग से भी बैठक की। माना जा रहा है कि दोनों ने गठबंधन जारी रहने का आश्वासन दिया।
लोकसभा चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। पार्टी को 240 सीटें मिली हैं। यह बहुमत के आंकड़े (272) से 32 सीटें कम हैं। ऐसे में वह 14 सहयोगी दलों के 53 सांसदों के साथ मिलकर गठबंधन सरकार चलाएगी।
इसमें चंद्रबाबू की TDP 16 सीटों के साथ दूसरी और नीतीश की JDU 12 सीटों के साथ तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है। दोनों पार्टियां चाहती हैं कि सीटों में बड़ी भागीदार होने के नाते उन्हें उसी हिसाब से कैबिनेट में भी हिस्सेदारी दी जाए। केंद्र सरकार के 10 सबसे ताकतवर और समृद्ध मंत्रालय- गृह, रक्षा, वित्त, विदेश, रेलवे, सूचना प्रसारण, शिक्षा, कृषि, सड़क परिवहन और सिविल एविएशन हैं। अकेले बहुमत होने से 2019 और 2014 में भाजपा ने सभी बड़े विभाग अपने पास रखे।
खबर है कि इस बार JDU की निगाह रेलवे-कृषि मंत्रालय के साथ बिहार के लिए विशेष पैकेज पर है। वहीं, TDP लोकसभा स्पीकर, तीन बड़े मंत्रालय और विशेष राज्य का दर्जा चाहती है।
सूत्रों ने बताया, 7 जून को मोदी को भाजपा संसदीय दल-NDA संसदीय दल का नेता चुना जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति के सामने सरकार बनाने का दावा पेश होगा। शपथ ग्रहण 8 जून को हो सकता है।


