देश के कई राज्यों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। लगातार हो रही बारिश से कई जगह जनजीवन प्रभावित हुआ है, जबकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में गुरुवार रात हुई तेज बारिश के बाद चोलिंग क्षेत्र में मलबा नेशनल हाईवे पर आ गया, जिससे दो वाहन दब गए। प्रदेश में फिलहाल 49 सड़कें बंद हैं।
उत्तर प्रदेश में शुक्रवार तड़के लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव और जालौन समेत कई जिलों में बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया। गुजरात के वलसाड में भी सड़कों पर जलभराव के कारण कई वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए।
मध्य प्रदेश में मानसून निर्धारित समय से पहले पूरे प्रदेश में सक्रिय हो गया है। धार, बड़वानी, खरगोन और देवास में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। उज्जैन में क्षिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट के आसपास के मंदिर पानी में घिर गए हैं।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, चमोली समेत कई जिलों में भूस्खलन के कारण सड़कें बाधित हैं। बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे पर लगातार पत्थर गिरने की घटनाओं के चलते एहतियातन केदारनाथ यात्रा फिलहाल रोक दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा, केरल, गोवा, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है। वहीं बिहार में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। मध्य प्रदेश, ओडिशा, पूर्वी राजस्थान और तमिलनाडु में भी तेज हवाओं का अनुमान है।
5 जुलाई को आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं सिक्किम, गोवा, तेलंगाना और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के नागपुर-अमरावती क्षेत्र में हीटवेव का असर बरकरार रहने की संभावना है।


