पंजाब — शहर में चर्चा में रहे राजवीर सिंह उर्फ़ सोनू शाह हत्या केस में जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए गैंगस्टर लॉरेंस बिशनोई समेत पांच आरोपियों को सबूतों की कमी के कारण बरी कर दिया। वहीं, लॉरेंस गैंग से जुड़े तीन अन्य आरोपियों को दोषी ठहराया गया। दोषियों की सजा पर अदालत 20 फरवरी को फैसला सुनाएगी। चंडीगढ़ पुलिस की अपराध शाखा ने सितंबर 2019 में जांच के बाद लॉरेंस बिशनोई समेत आठ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। आरोप लगाया गया था कि यह हत्या जेल से संचालित नेटवर्क के जरिए योजनाबद्ध तरीके से करवाई गई। अदालत ने लॉरेंस बिशनोई, धर्मिंदर सिंह, अभिषेक उर्फ़ बंटी, राजू बसोदी और दीपक रंगा को बरी कर दिया, जबकि शुभम उर्फ़ बिगनी, मनजीत उर्फ़ मोटा और राजन उर्फ़ जाट को दोषी ठहराया। बरी किए गए और दोषी ठहराए गए लोग चंडीगढ़, दिल्ली, अंबाला और गुजरात की विभिन्न जेलों में बंद हैं।
यह था मामला
28 सितंबर, 2019 को सेक्टर-45, बुरैल गांव में प्रॉपर्टी डीलर राजवीर सिंह उर्फ़ सोनू शाह का उनके ऑफिस में गोली मारकर कत्ल कर दिया गया। हमलावरों ने लगभग 14 राउंड फायर किए थे। इस घटना में सोनू शाह के साथ ही जोगिंदर सिंह और परमिंदर घायल हो गए थे। हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक वॉइस मैसेज सामने आया, जिसमें कथित तौर पर राजू बसोदी ने बिशनोई गैंग की तरफ से हत्या की जिम्मेदारी ली थी।


