लखनऊ की जानी-मानी पैथोलॉजी के मालिक की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बताया जा रहा कि वर्धमान पैथोलॉजी के ओनर मानवेंद्र सिंह की दूसरी शादी की बात चल रही थी। इससे उनके बच्चे खासे नाराज थे। इसके चलते पिता की हत्या कर लाश नीले ड्रम में भर दी।
पुलिस पूछताछ में 21 साल के आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा ने कबूला कि पिता की हत्या के बाद वह अपनी चाची के पास गया। उनसे चिकन और पनीर की सब्जी बनवाई। इसके बाद वापस आया और लाश के पास बैठकर बहन कृति के साथ खाना खाया।
किसी को शक न हो, इसलिए अपने रूटीन में कोई बदलाव नहीं किया। बहन को एग्जाम देने भेजता रहा। शव को ठिकाने लगाने के लिए आरी और नीला ड्रम खरीदकर लाया। चाची नम्रता से भी रोज की तरह मिलता रहा, ताकि वे कमरे में न जाएं।
अब तक की जांच से पता चला है कि वारदात को देखकर बहन बहुत डर गई थी। इस वजह से वह किसी से कुछ भी कह नहीं पाई। अक्षत ने भी उसे बहुत डराया-धमकाया। ऐसे में वह किसी से बात करने से भी कतराती रही।
24 फरवरी को पुलिस आरोपी बेटे अक्षत को सीन रिक्रिएशन के लिए घर लेकर पहुंची। इस दौरान अक्षत आसपास के लोगों से आंखें चुराता रहा। उसके चेहरे पर किसी तरह की शिकन या पछतावे का भाव नहीं था। उसने पुलिस को बताया- रातभर जागकर पिता की हत्या की प्लानिंग की।


