जालंधर—जालंधर में 13 वर्षीय बच्ची के हत्या मामले में पुलिस ने अरोपी का सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाया। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। जहां पुलिस ने 10 दिन का रिमांड मांगा था। लेकिन कोर्ट ने 9 दिन का रिमांड दिया है। अब 3 दिसंबर तक पुलिस अरोपी से पूछताछ करेगी।
इससे पहले पार्क स्टेट में सोमवार देर शाम को पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और पुलिस पर मामले को दबाने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दो-तीन दिनों के भीतर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो जालंधर में कांग्रेस और शहर वासियों के सहयोग से तीखा प्रदर्शन किया जाएगा।
जालंधर बंद और सड़क जाम की चेतावनी
पूर्व सीएम चन्नी ने पंजाब के डीजीपी और जालंधर की सीपी (कमिश्नर ऑफ पुलिस) से मांग की है कि जिन पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर मामले को हश-अप करने की कोशिश की। उन्हें तुरंत डिसमिस कर उन पर FIR दर्ज होनी चाहिए ।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर यह कार्रवाई नहीं हुई, तो जालंधर बंद सड़क जाम और बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। चन्नी ने जालंधर सीपी धर्मप्रीत कौर पर जिम्मेदारी तय करने की बात कही है।
पुलिस मामला खत्म करने का दबाव बना रही थी
उन्होंने कहा कि पुलिस लगभग चार घंटे तक घर के भीतर रही, और करीब 45 मिनट कमरे में बिताने के बाद बाहर आकर कहा कि यहां लड़की नहीं है, जबकि बच्ची की मां ने सीसीटीवी में देखा था कि बेटी उसी घर में गई थी और बाहर नहीं आई थी।
उन्होंने कहा कि पुलिस लगभग चार घंटे तक घर के भीतर रही, और करीब 45 मिनट कमरे में बिताने के बाद बाहर आकर कहा कि यहां लड़की नहीं है, जबकि बच्ची की मां ने सीसीटीवी में देखा था कि बेटी उसी घर में गई थी और बाहर नहीं आई थी।
धमकी और दबाव परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें धमकी दी और मामले को खत्म करने का दबाव बनाया यह कहते हुए कि पुलिस से पंगा मत लो। परिजनों और स्थानीय लोगों के कड़े विरोध के बाद ही FIR दर्ज की जा सकी।


