International: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच भारत ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए बड़ा अभियान चलाया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को जानकारी दी कि अब तक 1,200 से अधिक भारतीयों को ईरान से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें 845 छात्र शामिल हैं। सरकार ने इस ऑपरेशन को बेहद रणनीतिक तरीके से अंजाम दिया। 996 भारतीयों को आर्मेनिया और 204 लोगों को अज़रबैजान पहुंचाया गया।यहां से उन्हें सुरक्षित भारत लाने की व्यवस्था की जा रही है। MEA स्थानीय प्रशासन और भारतीय दूतावासों के साथ मिलकर लगातार समन्वय कर रहा है।
छात्रों की सबसे बड़ी चिंता
निकाले गए लोगों में बड़ी संख्या छात्रों की है, जो ईरान में पढ़ाई कर रहे थे। सरकार ने उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विशेष इंतजाम किए। इस संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई वैश्विक नेताओं से बातचीत की। 28 मार्च को उन्होंने मोहम्मद बिन सलमान से चर्चा की, जिसमें पश्चिम एशिया संघर्ष पर चिंता जताई व ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की निंदा की। उन्होंने समुद्री मार्गों की सुरक्षा और खुलापन बनाए रखने पर जोर दिया।


