पंजाब : पूर्व मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में निदेशक-सह-सचिव रह चुके सेवानिवृत्त IAS अधिकारी विजय कुमार जंजुआ पर भ्रष्टाचार मामले में केस चलाने की मंजूरी मिल गई है। केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ दर्ज 17 वर्ष पुराने भ्रष्टाचार मामले में केस चलाने की स्वीकृति दे दी है।
यह मामला वर्ष 2009 के एक ट्रैप केस से जुड़ा है, जिसमें उन पर 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। लंबे समय से लंबित इस प्रकरण में अब केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने मुकदमा चलाने की अनुमति प्रदान कर दी है। आदेश के अनुसार, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 13(2) के तहत दर्ज मामले में पहली नजर में इतने सबूत मिले हैं कि केस चलाया जा सकता है। इसलिए भ्रष्टाचार कानून की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी गई है। अब अनुमति मिलने के बाद जांच एजेंसियां अदालत में केस आगे बढ़ाएंगी। इस फैसले के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।


