चंडीगढ़–हरियाणा विधानसभा के विंटर सेशन में आज (19 दिसंबर) को दूसरे दिन अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। इसके लिए 2 घंटे का समय रखा गया। कांग्रेस विधायक रघुवीर कादियान ने आरोप लगाया कि सरकार से जनता का विश्वास उठ चुका है। भाजपा कांग्रेस के लिए पर्ची-खर्ची की बात करती है, जबकि भाजपा के राज में यूनिवर्सिटीज में वाइस चांसलर पर्ची-खर्ची से लगाए गए हैं।
शून्यकाल के बाद विधायक घनश्याम ने वंदे मातरम् पर चर्चा का प्रस्ताव रखा, जिसे स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने स्वीकार कर लिया। लंच के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस पर बोलना शुरू किया।
CM ने कहा- “यह सबके लिए वंदनीय है। इस पर चर्चा बहुत जरूरी है। इससे युवाओं को जानकारी मिलेगी। उस समय के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को अपनी कुर्सी डोलती हुई नजर आई।” यह सुनते ही कांग्रेस विधायकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ कांग्रेस विधायक उठकर वेल में आकर बैठ गए।
इस पर स्पीकर ने कांग्रेस के 9 विधायकों को नेम (नियमों का उल्लंघन) करते हुए सदन से बाहर जाने को कहा। साथ ही वेल में मार्शल खड़े कर दिए। जब मार्शल ने विधायकों को बाहर जाने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया। इस पर विधायकों और मार्शलों के बीच हाथापाई हो गई। फिर इन्हें बाहर निकाल दिया। कुछ देर बाद CM और नेता प्रतिपक्ष की अपील पर स्पीकर ने इन विधायकों को अंदर बुलाया।


