उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी गढ़वाल जिले में गुरुवार रात बादल फटा। चमोली में दो लोग लापता हैं। कई परिवार मलबे के कारण अपने घरों में फंस गए हैं। टिहरी गढ़वाल में जानहानि नहीं हुई हैं, लेकिन घरों को नुकसान पहुंचा है।
रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया है। रुद्रप्रयाग में हनुमान मंदिर जलमग्न हो गया है। केदारनाथ घाटी के लावारा गांव में मोटर मार्ग पर बना एक पुल तेज बहाव में बह गया।
पंजाब पिछले तीन दिनों से बाढ़ की चपेट में है। राज्य में 30 अगस्त तक सभी स्कूल बंद हैं। पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन, होशियारपुर, कपूरथला, फिरोजपुर और फाजिल्का सबसे प्रभावित हैं। इन 7 जिलों के 350 से अधिक गांवों में 5-7 फीट तक पानी भरा हुआ है।
हालात इतने खराब हैं कि लोगों को सेना के हेलिकॉप्टर से बचाया जा रहा है। चिनूक हेलिकॉप्टर, जमीन और पानी पर चलने वाले एम्फीबियन वाहनों से लोगों तक मदद पहुंचाई जा रही है। गुरुवार को सेना ने 6 हजार से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया।
जम्मू में बारिश और बादल फटने से भारी तबाही के बीच फंसे करीब 3 हजार टूरिस्ट्स को निकाला गया है। गुरुवार को रेलवे ने उनके लिए दो स्पेशल ट्रेनें चलाईं। एक ट्रेन लगभग 1,500 यात्रियों को लेकर जम्मू से बनारस और दूसरी ट्रेन नई दिल्ली के लिए रवाना हुई। इसमें 1,500 से ज्यादा यात्री सवार हुए।