मोहाली : पंजाब के पूर्व कांग्रेसी मंत्री बलवीर सिद्धू के भाई और मोहाली के मेयर अमरजीत सिंह उर्फ जीती सिद्धू के खिलाफ मर्डर केस में अदालत ने बरी कर दिया है। मोहाली की स्पेशल CBI कोर्ट ने शनिवार को यह फैसला सुनाया कि मेयर जीती सिद्धू के खिलाफ हत्या में शामिल होने का कोई ठोस सबूत नहीं है।
मामला क्या था?
यह मामला 19 दिसंबर 2010 को हुआ था, जब मोहाली के खरड़ स्थित बलियाली गांव में रतन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शुरू में इस हत्या का आरोप सरपंच कुलवंत सिंह और दिलावर सिंह पर लगा था। लेकिन मृतक के बेटे, हरजिंदर सिंह ने दावा किया कि इस हत्या में मोहाली के विधायक जीती सिद्धू भी शामिल थे। इसके बाद मोहाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, लेकिन ज्यादा कार्रवाई नहीं की।
सीबीआई जांच क्यों हुई?
जब पंजाब पुलिस ने उचित जांच नहीं की, तो मृतक के परिवार ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में आवेदन किया और मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग की। 2012 में हाईकोर्ट ने सीबीआई को मामले की जांच सौंप दी। सीबीआई की जांच में यह पाया गया कि पुलिस जांच में कई खामियां थीं, जैसे गवाहों के बयान दर्ज नहीं करना और हथियारों की फोरेंसिक जांच न कराना।


