पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के बीच एक बार फिर गठबंधन की जमीन तैयार हो गई है। सूत्रों के मुताबिक दोनों दलों के बीच गठबंधन लगभग तय माना जा रहा है और सितंबर में इसका औपचारिक ऐलान हो सकता है।
हालांकि, गठबंधन के ऐलान से पहले सीट शेयरिंग को लेकर दोनों दलों के बीच बातचीत जारी है। इस बार भाजपा अकाली दल से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। ऐसे में सीटों के बंटवारे का अंतिम फॉर्मूला अभी तय होना बाकी है।
भाजपा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पंजाब में अकाली दल के साथ गठबंधन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधे तौर पर इन्वॉल्व हैं। गठबंधन को लेकर हो रही हर अहम हलचल की जानकारी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ-साथ प्रधानमंत्री मोदी को भी दी जा रही है।
इसी बीच अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब चुनाव के लिए भाजपा के प्रभारी और केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि बैठक में दोनों नेताओं के बीच संभावित गठबंधन और चुनावी रोडमैप को लेकर चर्चा हुई।
इससे पहले भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी पंजाब को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की थी। इस बैठक में पंजाब के संगठन प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया भी शामिल हुए। बैठक के दौरान संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने पंजाब दौरे और राज्य में पार्टी की स्थिति से जुड़ी रिपोर्ट भी सामने रखी।
करीब ढाई दशक पुराने भाजपा-अकाली गठबंधन के किसान आंदोलन के दौरान टूटने के बाद अब दोनों दल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोबारा साथ आने की तैयारी में हैं।
पीएम मोदी भी ले रहे हैं पंजाब की तैयारियों का जायजा
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल और रवनीत सिंह बिट्टू के साथ पंजाब को लेकर बैठक कर चुके हैं।
पीएम मोदी के साथ बैठक के बाद सीआर पाटिल ने अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल से मुलाकात की। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि पंजाब में भाजपा-अकाली गठबंधन का रोडमैप अब हाईकमान के स्तर पर तैयार किया जा रहा है।
सीट शेयरिंग पर क्या है फॉर्मूला?
भाजपा और अकाली दल के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर भी एक फॉर्मूला सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक इस बार भाजपा गठबंधन में ‘बड़े भाई’ की भूमिका में रहेगी और पहले के मुकाबले ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ सकती है।
हालांकि, कौन सी पार्टी किन विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी, इसको लेकर अभी दोनों दलों में मंथन जारी है।
सूत्रों का दावा है कि सुखबीर सिंह बादल सीट शेयरिंग के प्रस्तावित फॉर्मूले पर सहमत हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही सीआर पाटिल और सुखबीर बादल के बीच एक और बैठक हो सकती है, जिसमें सीटों के बंटवारे और गठबंधन के अंतिम रोडमैप पर चर्चा होगी।


