राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि हिंदुओ को एकजुट होकर देश को आगे ले जाना होगा। इसके लिए वैसा ही आचरण करना होगा। हम जहां रहते है वो हिंदू घर की तरह सजा होना चाहिए। हमें यह तय करना होगा कि घर की दीवारों पर स्वामी विवेकानंद की तस्वीर हो या माइकल जैक्सन की।
भागवत ने ये बातें अंडमान के श्रीविजय पुरम में स्थित नेताजी स्टेडियम में विराट हिंदू सम्मेलन समिति द्वारा आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि हिंदू एकता के लिए एकरूपता को जरूरी नहीं मानता। बाकी दुनिया इसके उलट सोचती है।
अगर हिंदू जागेंगे तो दुनिया जागेगी। दुनिया मानती है कि भारत ही रास्ता दिखाएगा। समस्याओं पर समय बर्बाद करने के बजाय हमें समाधान खोजने चाहिए। किसी भी काम को पूरा करने के लिए शक्ति की आवश्यकता होती है और शक्ति केवल एकता से आती है।दुनिया सत्य को नहीं शक्ति को देखती है। जिसके पास शक्ति है उसी की बात मानी जाती है। एक मजबूत समाज बनाने और राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एकता आवश्यक है। इसके साथ ही भागवत ने टकराव से बचने की भी सलाह दी।
भगवान कृष्ण और जंगल में रहने वाले एक राक्षस के बारे में महाभारत की एक कहानी सुनाते हुए कहा कि अर्जुन और सात्यकि ने राक्षस से लड़ने की कोशिश की, लेकिन हर वार से वह और बड़ा होता गया। कृष्ण ने हस्तक्षेप किया, टकराव से बचाया और बिना लड़ाई के उसे वश में करने के लिए समझदारी का इस्तेमाल किया। सबक यह है कि हर समस्या के लिए बल की आवश्यकता नहीं होती। समाधान स्थिति को समझने पर निर्भर करते हैं।


