पंजाब सरकार सूबे के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने के दावे तो कर रही है लेकिन अभिभावकों का मोह सरकारी स्कूलों से भंग होता जा रहा है। साल दर साल सरकारी स्कूलों में होने वाले एडमिशन के ग्राफ में गिरावट आ रही है। पिछले साल की तुलना करें तो इस साल प्री-प्राइमरी से पांचवीं कक्षा में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई।
पंजाब के 23 जिलों में से 17 जिलों में एडमिशन करवाने वाले स्टूडेंट्स की संख्या में कमी आई है। सिर्फ 6 जिले ही ऐसे थे जिनमें एडमिशन करवाने वाले बच्चों की संख्या बड़ी है। खास बात यह है कि जिन जिलों में बच्चों के एडमिशन में गिरावट दर्ज की गई है उसमें CM भगवंत मान का जिला संगरूर और EM हरजोत बैंस का जिला रोपड़ भी शामिल है।
वर्ष 2024-25 और 2025-26 में हुए एडमिशन की तुलना करें तो इस साल 10,665 कम एडमिशन सरकारी स्कूलों में हुए। राज्य समीक्षा बैठक में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक
2024-25 कुल 11,73,556 स्टूडेंट्स ने प्री-प्राइमरी से पांचवीं कक्षा तक दाखिला लिया। वहीं 2025-26 में यह संख्या कम होकर 11,62,891 हो गई।
CM भगवंत मान के जिले संगरूर में भी गिरावट
सीएम भगवंत मान के जिले संगरूर में पिछले शिक्षा सत्र में कुल 43456 स्टूडेंट्स ने सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से पांचवीं क्लास तक एडमिशन लिया। इस साल 41795 स्टूडेंट्स ने एडमिशन लिया जो कि पिछले साल की तुलना में 1661 कम है।
इसी तरह शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के जिले रोपड़ में पिछले साल 28,533 का एडमिशन हुआ जबकि इस बार 27,790 स्टूडेंट्स का दाखिला हुआ। रोपड़ में 743 स्टूडेंट्स की गिरावट दर्ज की गई।


