नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में SIR के विरोध में INDIA ब्लॉक की रैली जारी है। रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें जाना होगा, हम उन्हें छोड़ेंगे नहीं।
खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लोगों के बीच फूट डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी खुद तय करना चाहते हैं कि किसे वोट देना है और किसे नहीं। उन्होंने कहा कि वोट किसे देना है, इसका फैसला जनता और मतदाताओं को करना चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार के साथ-साथ बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारों पर भी निशाना साधा। खड़गे ने आरोप लगाया कि ये सरकारें चोरी की सरकार हैं और इन्हें सत्ता से बाहर करना होगा। उन्होंने कहा कि चोरों की सरकार हर जगह बैठी है और विपक्ष को जनता के समर्थन की जरूरत है। मोदी जाएंगे, तभी लोकतंत्र बचेगा। उन्होंने नारा दिया, ‘मोदी को हटाओ, लोकतंत्र को बचाओ।’
मंच पर राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत 19 दलों के नेता मौजूद
इस रैली में राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत INDIA ब्लॉक के 19 राजनीतिक दलों के नेता मंच पर मौजूद हैं। इससे पहले विपक्षी दलों का मार्च दोपहर 12 बजे मिंटो जंक्शन से शुरू हुआ और दोपहर करीब 3 बजे रामलीला मैदान पहुंचा।
पिछले 25 दिनों में विपक्षी दल SIR के मुद्दे पर सातवीं बार एकजुट हुए हैं। इससे पहले 6 से 13 अक्टूबर के बीच इस मुद्दे पर छह बार प्रदर्शन किए जा चुके हैं।
अखिलेश यादव बोले- लोकतंत्र खत्म करने वालों के खिलाफ एकजुट हुआ विपक्ष
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि रामलीला मैदान में उठ रही आवाज लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। गठबंधन के सभी साथी लोकतंत्र को खत्म करने वालों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हुए हैं।
अखिलेश ने उत्तर प्रदेश में भाजपा की ओर से एक करोड़ हिंदू मतदाताओं के वोट कटने के दावे का जिक्र करते हुए कहा कि अब भाजपा को भी वोट कटने की चिंता सताने लगी है। उन्होंने दावा किया कि हर विधानसभा क्षेत्र में करीब 31 हजार वोट कम हुए हैं।
अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा, ‘जब जमीन ही नहीं बची तो अंगद का पैर कहां रखोगे।’ उन्होंने काशी का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की जनता ने भाजपा को डबल जीरो दिया है।
रैली के जरिए INDIA ब्लॉक के नेताओं ने SIR के विरोध में अपनी एकजुटता दिखाते हुए लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा का मुद्दा उठाया।


