Saturday, August 29, 2026
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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का बहनों को रक्खड़ पुन्निया का तोहफा: 5.30 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 181.50 करोड़ रुपए की ‘सम्मान राशि’ भेजी

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  • *महिलाओं के सम्मान में पंजाब ने रिकॉर्ड कायम किया, अब तक 70.92 लाख महिलाओं को मिला लाभ – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*

    *‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ से एक करोड़ महिलाओं को जोड़ेंगे, बड़े पैमाने पर पंजीकरण जारी – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*

    *महिलाओं के पंजीकरण में मदद करने वाली 1.38 लाख ‘सत्कार सखियों’ को अब तक मान-भत्ते के रूप में 51 करोड़ रुपए दिए गए – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*

    *सत्कार योजना के पंजीकरण में सहयोग करने वाली आंगनवाड़ी वर्करों को भी दिए जाएंगे 25 करोड़ रुपए – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*

    *महिलाओं को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘सत्कार योजना बिल’ लाया – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*

    *आज के जमाने के ‘मसंद’ लोगों को गुमराह करने के लिए धर्म के नाम पर रैलियां कर रहे हैं: सीएम भगवंत सिंह मान*

    *पंजाब पर 25 साल राज करने का दावा करने वालों को अब कमेटी बनाने के लिए 25 सदस्य भी नहीं मिल रहे – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*

    *भाजपा ने हमारे 750 किसानों की जान ली, पंजाब इस चुनाव में मुंह तोड़ जवाब देगा – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*

    *भाजपा धर्म के नाम पर लोगों को आपस में लड़ाती है और फिर डराकर वोट लेती है, लोग इसकी चालों में नहीं आएंगे – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*

    *विरोधी दल के पास पंजाब के लिए कोई एजेंडा नहीं, उनकी लड़ाई सिर्फ कुर्सी के लिए है – भगवंत सिंह मान*

    *मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बाबा बकाला में रक्खड़ पुन्निया को समर्पित राज्य स्तरीय समारोह को किया संबोधित*

    *बाबा बकाला, 28 अगस्त:*  बाबा बकाला साहिब में आज रक्खड़ पुन्निया के पवित्र अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत 5.30 लाख और महिलाओं के खातों में तीन महीनों की ‘सम्मान राशि’ के रूप में 181.50 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर महिलाओं के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता का इजहार किया। इससे कुल लाभार्थियों की संख्या 70.92 लाख हो गई है। सरकार इस योजना के दायरे में एक करोड़ महिलाओं को लाने के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रही है, जिसमें पंजीकरण में मदद करने वाली 1.38 लाख ‘सत्कार सखियों’ को मान-भत्ते के रूप में 51 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं और आंगनवाड़ी वर्करों को भी 25 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।

    इस मौके की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘एक्स’ पर लिखा: “बाबा बकाला साहिब से रक्खड़ पुन्निया के पवित्र दिन पर समूचे पंजाबियों को लाख-लाख बधाई। रखड़ी पर बहनों से किए वादे को पूरा करते हुए आज ‘सत्कार योजना’ के तहत 5.30 लाख महिलाओं के खातों में 181.50 करोड़ रुपए ‘शगुन’ के रूप में भेजे गए हैं। अब तक कुल 70.92 लाख मां-बहनें इस योजना का लाभ ले चुकी हैं। 90 प्रतिशत घरों के बिजली बिल शून्य आने, खेतों तक नहर का पानी पहुंचाने, 70,840 युवाओं को नौकरियां मिलने और सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों द्वारा नीट की परीक्षा पास करने से पंजाब एक बार फिर तरक्की के रास्ते पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है और नंबर एक राज्य बनकर उभर रहा है।”

    रक्खड़ पुन्निया के समारोह के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आजकल के कई ‘मसंद’ धर्म की आड़ में लोगों को गुमराह करने के लिए इस मौके पर रैलियां कर रहे हैं। ये अपराधी लोग पंजाबियों को मूर्ख बनाने के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन पंजाबी उनकी बातों में नहीं आएंगे। ये आज के मसंद हमले के बाद अपने जख्म दिखाकर लोगों से हमदर्दी लेने की कोशिश करके निचले स्तर पर गिर रहे हैं।”

    उन्होंने कहा, “राज्य के समझदार लोगों ने उन नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया है जो अपने सत्ता के दिनों में महलों में रहते थे और कभी आम लोगों की परवाह नहीं की। 25 साल राज करने का दावा करने वालों को लोगों ने राजनीतिक गुमनामी में भेज दिया है और अब उन्हें समिति बनाने के लिए 25 सदस्य भी नहीं मिल रहे। राज्य के समझदार और बहादुर लोगों ने ऐसे अहंकारी नेताओं को उनके बुरे कामों का मुंह तोड़ जवाब दिया है।”

    अकाली दल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अपने लंबे कुशासन के दौरान अकालियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने, इस घिनौने अपराध के दोषियों को बचाने और निर्दोष लोगों पर गोलीबारी करवाने का पाप किया। अकालियों ने पंजाबियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने और कई माफियाओं को संरक्षण देने के अलावा राज्य को बेरहमी से लूटा। अकालियों को पड़ी हर वोट बेअदबी के हक में फतवा होगी। अकाली लीडरशिप को कभी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि वे राज्य की कई पीढ़ियों के बर्बाद होने के लिए जिम्मेदार हैं और उनके राज में नशे के व्यापार को संरक्षण मिला।”

    अकाली दल पर तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा, “अगर प्रधानमंत्री अकाली नेताओं का हाल-चाल पूछने के लिए फोन भी कर लें तो वे पंजाब को लूटने के लिए दिल्ली से गठजोड़ करने के सपने देखने लग जाते हैं। यह सच है कि अकाली नेताओं को हमेशा पंजाब या पंजाबियों से ज्यादा अपने हितों की चिंता होती है, जबकि आम आदमी पार्टी सिर्फ पंजाब के लिए प्रतिबद्ध है।”

    उन्होंने कहा, “सत्ता की भूख मिटाने के लिए अकाली दल अब भाजपा से गठजोड़ के लिए तरले मार रहा है, जिसके हाथ 700 से ज्यादा उन किसानों के खून से रंगे हुए हैं जो काले कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान शहीद हुए थे। अकाली-भाजपा गठजोड़ बिना किसी विचारधारा या बिना लोक कल्याण के है और इसका एकमात्र मकसद राज्य में सत्ता हासिल करना है। लोग इन पार्टियों के गुमराह करने वाले दावों में नहीं आएंगे और आने वाले दिनों में इन्हें सबक सिखाएंगे।”

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भाजपा देश के किसी भी राज्य में जीत सकती है लेकिन इसे महान गुरु साहिबान, संत-महापुरुषों, पीर-पैगंबरों और शहीदों की इस धरती से जीतने का सपना कभी नहीं देखना चाहिए। राज्य के लोग भाजपा के दोहरे चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं और वे इसे सबक जरूर सिखाएंगे। पंजाबी कभी नहीं भूल सकते कि काले कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भाजपा द्वारा राज्य के अन्नदाताओं का कैसे अपमान किया गया था। भाजपा द्वारा राज्य और इसके लोगों के साथ किए अन्याय और सौतेली मां वाले व्यवहार की लंबी कहानी है।”

    उन्होंने कहा, “भाजपा राज्य को पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़, भाखड़ा डैम, नदी के पानी और इसके हर जायज हक से वंचित करना चाहती है। उन्होंने आगे कहा कि इन लोगों ने पंजाब के विकास को पटरी से उतारने के लिए राज्य की ग्रांटों का बनता बड़ा हिस्सा रोक रखा है। उन्होंने कहा कि भाजपा को राज्य में से एक भी सीट नहीं मिलेगी क्योंकि लोग उन्हें उपयुक्त सबक सिखाने के लिए तैयार बैठे हैं।”

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हवा में महल बनाने की बजाय भाजपा लीडरशिप को यह वहम निकाल देना चाहिए कि वे कभी पंजाब की सत्ता पर काबिज हो जाएंगे क्योंकि राज्य और इसके लोगों के खिलाफ उनके अपराध बिल्कुल भी माफ करने योग्य नहीं हैं। भाजपा किस मुंह से पंजाब में पैर रखेगी, वह भी तब, जब इसके आगुओं ने कभी भी राज्य और इसके लोगों के मुद्दे नहीं उठाए? राज्य के निडर और समझदार लोग भाजपा को उनके अपराधों के लिए कभी माफ नहीं करेंगे और यही लोग पंजाब से भाजपा का राजनीतिक तौर पर नामो-निशान मिटा देंगे।”

    कांग्रेस पार्टी में चल रही आपसी खींचतान पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “जहां इसके नेता अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए सत्ता खातिर आपस में लड़ रहे हैं, वहीं राज्य सरकार लोगों के कल्याण के लिए अथक मेहनत कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी आपस में नहीं लड़ती बल्कि रंगला पंजाब बनाने के लिए अथक प्रयास कर रही है। राज्य की लड़ाई क्वालिटी शिक्षा, अच्छी सेहत और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लिए है, जबकि कांग्रेसी आगु सत्ता की भूख में आपसी झगड़े करके एक-दूसरे से आंख भी नहीं मिला रहे।”

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कांग्रेस के पास लोगों और राज्य के लिए कोई एजेंडा नहीं है, उनका एकमात्र मकसद सत्ता हासिल कर पंजाब के खजाने को लूटना है लेकिन उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे। कांग्रेस पार्टी एक बंटा हुआ घर है जो इनकी आपसी लड़ाई के कारण ही ढह जाएगा। यह बड़ी सितमजरीफी है कि सत्ता के लिए लड़ रहे इन नेताओं को एकजुट करने के लिए आने वाले कांग्रेस के बड़े नेताओं को पंजाब के इन आगुओं का नाम तक नहीं लेना आता।”

    उन्होंने कहा, “आज का दिन मुख्यमंत्री ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत पंजाब की महिलाओं को राखी का तोहफा देने के लिए विशेष रूप से चुना गया है। दुनिया भर के लोग पंजाब में सबसे बड़े सामाजिक क्रांति के गवाह बन रहे हैं। इस कल्याणकारी योजना की दुनिया भर में शायद ही कोई मिसाल हो जहां महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही हो। अब तक 70.92 लाख महिला लाभार्थियों को पंजाब सरकार द्वारा यह तोहफा मिल चुका है और आज 5.30 लाख लाभार्थियों, जिन्होंने हाल ही में अपना पंजीकरण करवाया है, को 181.50 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।”

    मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, “मैं राज्य के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए अपनी हर सांस लगाई हुई हूं और लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए मेरी सरकार द्वारा विभिन्न लोक-पक्षीय पहल की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की तरह मैंने सरकारी खजाने से एक पैसा तक नहीं लिया; बल्कि मैंने लगातार यह सुनिश्चित किया है कि करदाताओं का एक-एक पैसा लोक कल्याण के लिए सोच-समझकर खर्च किया जाए। मैं लोगों से बार-बार यही कहता हूं कि उनके बेटे और भाई होने के नाते मेरा विशेष ध्यान अपने लोगों के दुख-दर्द और मुश्किलों को बांटना है, जबकि इसके विपरीत पिछली सरकारों के नेता हमेशा ऐशो-इशरत की जिंदगी जीने में मस्त रहे।”

    उन्होंने कहा, “पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। यहां तक कि किसानों को भी अब दिन के समय बिजली मिल रही है जो अपने आप में हमारी सरकार की बड़ी पहल है। उन्होंने कहा कि लोगों के कर का पैसा लोगों का ही है और हम इसे सोच-समझकर उनकी भलाई पर खर्च कर रहे हैं। लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों के पास वापस जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सिर्फ लोगों के कल्याण के लिए काम कर रही है, जिसने पंजाबियों को मुफ्त बिजली, 70,000 से अधिक युवाओं को बिना किसी भ्रष्टाचार के नौकरियां, बेहतर सड़क संपर्क, क्वालिटी शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, बुनियादी ढांचे का निर्माण और कई अन्य अहम पहल की हैं, जबकि पिछली सरकारों ने इस चीज की तरफ कभी भी कोई ध्यान नहीं दिया।”

    मुख्यमंत्री ने कहा, “आप सरकार गांवों के विकास के लिए अथक प्रयास कर रही है और गांवों की पंचायतों को उपयुक्त ग्रांट दी जा रही हैं। युवाओं को नशे की लानत से दूर रखने के लिए राज्य में 3100 खेल स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। आप सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी है और लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल की हैं। हमारी सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ ने राज्य में नशों के कोढ़ की कमर तोड़ दी है, जिसका पूर्ण रूप से सफाया करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।”

    उन्होंने कहा, “कोई भी मुफ्त सुविधा या कार्ड गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकता, बल्कि शिक्षा ही एक ऐसी कुंजी है जो लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठाकर उन्हें इस चक्र से बाहर निकाल सकती है। इसी को मुख्य रखते हुए हमारी सरकार आम आदमी को सक्षम बनाने के लिए शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए अथक प्रयास कर रही है। हमारी सरकार के ठोस प्रयासों की बदौलत पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में केरल और अन्य राज्यों को पीछे छोड़ते हुए अग्रणी बनकर उभरा है, जो अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रमों, स्कूल्स ऑफ एमिनेंस और हमारी सरकार द्वारा किए गए अन्य उपक्रमों सहित पंजाब सरकार के अथक प्रयासों का नतीजा है।”

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “2021 में सरकारी स्कूलों के सिर्फ 80 विद्यार्थियों ने ‘नीट’ परीक्षा पास की थी लेकिन साल 2026 में यह संख्या 11 गुना बढ़कर 882 हो गई है। उन्होंने कहा कि हमारे शासन का दूसरों, जिन्होंने कभी स्कूल और शिक्षा क्षेत्र की परवाह नहीं की, से यही फर्क है।”

    मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार 1,587 गांवों के खेतों तक नहर का पानी पहुंचा है, जो पहले हमेशा इससे वंचित रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य के निवासियों की सुविधा के लिए 45,000 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत और नवीनीकरण किया जा रहा है।”

    उन्होंने कहा, “यह बड़े गर्व की बात है कि हमारी सरकार ने हर खेत तक नहर का पानी पहुंचाने को सुनिश्चित करने के लिए 7,200 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद नहर सिंचाई के अधीन रकबा 26 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो गया है, जिससे किसानों को बड़े पैमाने पर लाभ हुआ है। लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए हमारी सरकार ने देश में अपनी किस्म की पहली योजना ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है, जो पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपए तक का मुफ्त नकदी-रहित चिकित्सकीय इलाज उपलब्ध करवा रही है। यह बहुत गर्व और तसल्ली की बात है कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य है, जिसने आम लोगों के लिए क्वालिटी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन पर स्वास्थ्य सेवाओं के वित्तीय बोझ को काफी हद तक घटाया है।”

    इस मौके पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, डॉ. बलजीत कौर, हरभजन सिंह ई.टी.ओ., लाल चंद कटारूचक्क, गुरमीत सिंह खुड्डियां और हरदीप सिंह मुंडियां, लोकसभा सदस्य डॉ. राज कुमार चब्बेवाल और अन्य मौजूद थे।

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