चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल चुनाव को लेकर सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। 31 अगस्त को होने वाले छात्र संघ चुनाव में प्रेसिडेंट पद के लिए 4, वाइस प्रेसिडेंट के लिए 5, सेक्रेटरी के लिए 3 और ज्वाइंट सेक्रेटरी पद के लिए 4 उम्मीदवार मैदान में हैं।
अंतिम उम्मीदवार सूची जारी होने के बाद विभिन्न छात्र संगठनों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार तेज कर दिया है। उम्मीदवार कैंपस में छात्रों से संपर्क कर रहे हैं और अपने पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
इसी बीच आम आदमी पार्टी के पंजाब से लोकसभा सांसद मीत हेयर ने ABVP को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। मीत हेयर का दावा है कि कुछ छात्रों को कथित तौर पर गैंगस्टरों के फोन करवाकर ABVP के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाया जा रहा है।
मीत हेयर के मुताबिक, कई छात्रों ने उनसे शिकायत की है कि उन्हें गैंगस्टरों के फोन आ रहे हैं और ABVP के पक्ष में मतदान करने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र चुनाव के दौरान किसी भी तरह का डर या दबाव का माहौल नहीं होना चाहिए।
पार्टी नेता और उसके पिता को धमकी का भी दावा
मीत हेयर ने एक पार्टी नेता और उसके पिता को कथित तौर पर धमकी भरे फोन आने का भी दावा किया। उनके मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में रहने वाले उनकी पार्टी के एक नेता और उसके पिता को फोन कर कहा गया कि अपने बेटे को समझा लो, क्योंकि वह ‘गलत पार्टी’ का समर्थन कर रहा है।
मीत हेयर का दावा है कि फोन करने वाले ने ABVP का समर्थन करने के लिए दबाव बनाया और ऐसा नहीं करने पर गोली मारने की धमकी दी।
यूनिवर्सिटी स्टाफ पर भी लगाए आरोप
मीत हेयर ने पंजाब यूनिवर्सिटी के कुछ स्टाफ सदस्यों पर भी ABVP के समर्थन का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, कुछ छात्रों ने उन्हें बताया कि यूनिवर्सिटी के स्टाफ के लोग विभागों में जाकर छात्रों से ABVP के पक्ष में वोट करने की अपील कर रहे हैं।
इन आरोपों के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र चुनाव को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
भाजपा पर भी साधा निशाना
मीत हेयर ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी में पश्चिम बंगाल जैसा माहौल बनाने की कोशिश नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई या चुनाव आयोग का डर दिखाकर यहां चुनाव नहीं जीता जा सकता।
मीत हेयर ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र अपने फैसले खुद लेते हैं और उन्हें किसी तरह के दबाव में लाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
अब इन गंभीर आरोपों के बीच सबकी नजर 31 अगस्त को होने वाले चुनाव और कैंपस में चल रहे प्रचार अभियान पर है।


